UN के 190 कर्मचारी आतंकी, इजरायलियों की हत्या और मर्डर में थे शामिल; आरोपों से सनसनी
इजरायल ने आरोप लगाया है कि इस आतंकी हमले में संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNRWA के 190 कर्मचारी शामिल थे। इन आतंकवादियों का हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे खूंखार आतंकी संगठनों से नाता रहा है।

इजरायल पर 7 अक्टूबर को हुए हमास के आतंकी हमले में 1200 से ज्यादा इजरायली नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में यहूदियों को अगवा भी कर लिया गया था। अब इजरायल ने आरोप लगाया है कि इस आतंकी हमले में संयुक्त राष्ट्र की संस्था UNRWA के 190 कर्मचारी शामिल थे। इन आतंकवादियों का हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे आतंकी संगठनों से नाता रहा है। इनमें से कुछ लोग अध्यापक जैसे पेशे में हैं, लेकिन इसके बाद भी उनका आतंकी संगठनों से गहरा ताल्लुक है। इन लोगों ने इजरायलियों के कत्ल और उनकी किडनैपिंग में भी अहम भूमिका निभाई थी।
इजरायल की ओर से दिए गए इंटेलिजेंस डोजिएर में इस बात का दावा किया गया है। इन आरोपों के बाद ही अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनिया के 9 बड़े देशों ने युनाइटेन नेशंस रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी की फंडिंग ही रोक दी है। इजरायल की ओर से दिए गए 6 पेज के डोजिएर में ऐसे 6 यूएन कर्मचारियों के बारे में बताया गया है, जो आतंकवादी के तौर पर भी काम कर रहे हैं। हालांकि अब तक इस डोजिएर की कॉपी यूएन को नहीं मिली है। यूएन के प्रवक्ता स्टीफेन डुजैरिक ने इस बात की जानकारी दी है। वहीं फिलिस्तीन ने आरोप लगाया है कि इजरायल गलत जानकारी दे रहा है ताकि UNRWA की छवि को खराब किया जा सके।
फिलहाल UNRWA का कहना है कि उसने कुछ कर्मचारियों को हटा दिया है और वह आरोपों की जांच कर रही है। डोजिएर में कहा गया है कि यूएन के उन कर्मचारियों में से एक शख्स स्कूल में काउंसलर है, जो हमास के आतंकी हमले में शामिल था। उसने अपने बेटे की एक महिला को किडनैप करने में मदद की थी। इस हमले में इजरायल के 1200 लोग मारे गए थे और 253 लोगों को अगवा कर लिया गया था। बीते कई दशकों में इजरायल पर हुआ यह सबसे बड़ा हमला था। इस हमले के बाद से ही इजरायल भड़का हुआ है और गाजा पट्टी पर लगातार हमले कर रहा है।
इजरायल के हमलों में 20 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजरायल के विदेश मंत्री इजरायल कात्ज का कहना है कि UNRWA के हेड फिलिप लज्जारिनी को जाना होगा। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को इजरायलियों के नरसंहार में UNRWA के कर्मचारी भी शामिल थे। यह बेहद गंभीर मसला है। उन्होंने कहा कि इस मामले के दोषियों पर ऐक्शन हो और एजेंसी के हेड पद छोड़ दें। फिलिस्तीन के पीएम मोहम्मद श्ताय्येह ने कहा कि इजरायल एजेंसी पर राजनीतिक आरोप लगा रहा है ताकि उसकी इमेज को कमजोर किया जा सके।
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