Maldives supreme court three judges suspended ahead of key hearing मुइज्जू सरकार ने SC के 3 जजों को किया सस्पेंड, संवैधानिक संशोधन पर सुनवाई से पहले बड़ा ट्विस्ट, International Hindi News - Hindustan
Hindi Newsविदेश न्यूज़Maldives supreme court three judges suspended ahead of key hearing

मुइज्जू सरकार ने SC के 3 जजों को किया सस्पेंड, संवैधानिक संशोधन पर सुनवाई से पहले बड़ा ट्विस्ट

  • मालदीव में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों को सस्पेंड किया गया है। यह ऐक्शन तब लिया गया है, जब ये जज एक अहम मामले में सुनवाई करने वाले थे। उस मामले को लेकर विपक्ष मुइज्जू सरकार पर हमलावर है।

Gaurav Kala लाइव हिन्दुस्तानWed, 26 Feb 2025 06:24 PM
share Share
Follow Us on
मुइज्जू सरकार ने SC के 3 जजों को किया सस्पेंड, संवैधानिक संशोधन पर सुनवाई से पहले बड़ा ट्विस्ट

मालदीव में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों को सस्पेंड किया गया है। यह ऐक्शन मालदीव संसद के न्यायिक सेवा आयोग (JSC) ने बुधवार को लिया। यह फैसला तब लिया गया, जब एक घंटे बाद इन जजों को नवम्बर 2024 में जोड़े गए विवादास्पद एंटी-डिफेक्शन क्लॉज को लेकर सुनवाई करनी थी। इसे लेकर विपक्ष मुइज्जू सरकार पर काफी हमलावर है। याचिका में संवैधानिक संशोधनों को चुनौती दी गई है।

निलंबित किए गए न्यायधीशों के नाम हसन, डॉ. आजमिराल्डा जाहिर और महज अली जाहिर हैं। इन जजों को संविधान में जोड़े गए विवादास्पद एंटी-डिफेक्शन क्लॉज के निलंबन पर सुनवाई करनी थी। इस संशोधन को सांसद अब्दुल सत्तार मोहम्मद द्वारा पेश किया गया था। सत्तार सत्तारूढ़ मुइज्जू के नेतृत्व वाले पीपुल्स नेशनल कांग्रेस के सदस्य हैं। इस संशोधन को संसद में 68 वोटों के पक्ष में और नौ विरोध में पास किया था।

मामला क्या है

यह मामला एंटी-डिफेक्शन क्लॉज की वैधता को चुनौती देता है, जो यह तर्क देता है कि ये संविधान की मूल प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। इस संशोधन के तहत, यदि पार्टी टिकट पर चुने गए संसद सदस्य पार्टी बदलते हैं या पार्टी से निष्कासित हो जाते हैं तो उनकी सीट खो जाएगी। विपक्ष ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे सरकार के कार्यकारी शक्ति को मजबूत करने और संसद सदस्यों की स्वतंत्रता को सीमित करने वाला बताया।

ये भी पढ़ें:AI से लैस है भारत की संसद, मुरीद हुए मालदीव के स्पीकर; ओम बिरला से मांगी मदद

सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को संविधान में जोड़े गए एंटी-डिफेक्शन क्लॉज़ के खिलाफ एक संवैधानिक चुनौती सुनने पर सहमति व्यक्त की थी, और राज्य की प्रारंभिक आपत्तियों पर निर्णय को स्थगित कर दिया था। विचार-विमर्श के बाद, पूरी बेंच ने मामले को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

इस चुनौती का एक बड़ा हिस्सा यह था कि इस प्रक्रिया को अत्यधिक तेजी से और बिना पर्याप्त पारदर्शिता के लागू किया गया था। यह कानूनी चुनौती मालदीव की सुप्रीम कोर्ट में पहली बार है, जहां संवैधानिक संशोधनों को असंवैधानिक होने के आधार पर रद्द करने की मांग की गई है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।