अश्विन और जडेजा को बाहर रखना सही लेकिन...प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित ने दिग्गजों के फ्यूचर को लेकर दिया बड़ा हिंट
- रोहित शर्मा ने कहा है कि अंतिम-11 से अश्विन और जडेजा जैसे खिलाड़ियों को बाहर रखने का फैसला मुश्किल होता है लेकिन जो टीम के हित में होता है वही करना पड़ता है। उन्होंने हिंट दिया है कि ये दोनों आगामी मैचों में खेल सकते हैं।
रोहित शर्मा ने पर्थ में हुए पहले टेस्ट मैच से रविंद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन को बाहर रखने के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह सही फैसला था लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि ये दोनों अनुभवी खिलाड़ी सीरीज के बाकी मैचों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली 0-3 की करारी हार के बाद भारत ने अश्विन और जडेजा को बाहर रखने का साहसिक फैसला किया, जबकि हर्षित राणा और नितीश रेड्डी को टेस्ट पदार्पण का मौका दिया। यह फैसला कारगर रहा क्योंकि दोनों युवा खिलाड़ियों ने भारत की 295 रन की जीत में अहम योगदान दिया।
रोहित ने दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘दुर्भाग्य से मैं उन्हें यह खबर देने के लिए वहां नहीं था कि वे पहला मैच नहीं खेल रहे हैं। जडेजा और अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को बाहर रखना हमेशा मुश्किल होता है, यह कभी आसान नहीं होता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यह फैसला उस समय टीम के लिए जो भी सबसे अच्छा था और उस समय प्रबंधन को जो भी सही लगा उसके आधार पर लिया गया।’’ रोहित ने कहा कि मिलकर कुल 855 टेस्ट विकेट चटकाने वाले अश्विन और जडेजा पांच मैचों की सीरीज के बाकी बचे मुकाबलों में अहम भूमिका निभाएंगे, जबकि भारत की नजरें अगले साल विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में तीसरी बार खेलने पर टिकी होंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘पूरी सीरीज के दौरान हम यही करने की कोशिश करेंगे - उस खास समय में हमें जो भी सही लगेगा, हम वही करेंगे। लेकिन मुझे लगता है कि वे सीरीज के बाकी बचे मुकाबलों में अहम भूमिका निभाएंगे।’’ वॉशिंगटन सुंदर को भविष्य में 38 वर्षीय अश्विन की जगह लेने का दावेदार माना जा रहा है और रोहित ने कहा कि इस युवा ऑलराउंडर के पास दुनिया भर की अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है।
रोहित ने कहा, ‘‘(वह) एक बहुत ही ठोस ऑलराउंडर है। हमने देखा है कि वह गेंद (और) बल्ले से क्या कर सकता है। दुनिया में कहीं भी खेलने के लिए उसके पास ठोस तकनीक है और जब ऐसे खिलाड़ी टीम में होते हैं तो आपको आत्मविश्वास मिलता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वह चोट से दूर रहे और चोटिल नहीं हो क्योंकि उसके जैसा खिलाड़ी हमेशा हमारी टीम के लिए मूल्यवान होता है। (वह) हमें वह संतुलन, वह गहराई देता है जिसकी एक टीम को हमेशा जरूरत होती है। मैं यहां से उसका करियर ऊपर ही जाता हुआ देख सकता हूं। मैं उसे नीचे जाते हुए नहीं देखता जब तक कि कोई दुर्भाग्यपूर्ण चोट नहीं लग जाए।’’
भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्होंने राणा और रेड्डी को खेलते हुए अधिक नहीं देखा लेकिन वह मैदान पर उनके जुझारू रवैये से प्रभावित थे। रोहित ने कहा, ‘‘उन्हें देखना बहुत प्रभावशाली था। मैंने व्यक्तिगत रूप से उनके बारे में सिर्फ कुछ सुना है और मैंने उन्हें आईपीएल के कुछ मुकाबलों में खेलते हुए देखा है। विशेष रूप से नितीश को, कुछ टी20 मुकाबलों में खेलते देखा है जो उनके यहां आने से पहले खेले गए थे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास निश्चित रूप से बहुत प्रतिभा है और पर्थ में पहले टेस्ट मैच में ऐसा कभी नहीं लगा कि वे अपना पहला मैच खेल रहे हैं। शुरुआत से ही वे इसका हिस्सा थे और वे उस लड़ाई में शामिल होना चाहते थे और वे वह सब कुछ करना चाहते थे जो उनसे करने को कहा गया।’’
रोहित ने कहा कि अगर भारत को आने वाले मैच जीतने हैं तो उन्हें ऐसे ही रवैये वाले खिलाड़ियों की जरूरत होगी। उन्होने कहा, ‘‘इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार बॉडी लैंग्वेज भी दिखाई - जब मैं घर पर था तो मैंने बाहर से इसे देखा।’’
रोहित ने कहा, ‘‘यह शानदार लग रहा था और जब आप बड़ी सीरीज (और) बड़े मैच जीतना चाहते हैं तो आपको अपनी टीम में ऐसे ही लोगों की जरूरत होती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप चाहते हैं कि इस तरह के लोग आएं और दबाव का सामना करें और निश्चित रूप से इन दोनों ने यही किया।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘(उन्होंने) अपने करियर की बहुत ही शानदार शुरुआत की। मैं केवल यही उम्मीद कर सकता हूं कि वे टीम के लिए लंबे समय तक खेलते रहें और अच्छा प्रदर्शन करते रहें।’’
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