डिविलियर्स की इस सलाह से खत्म हो सकता है कोहली का बड़ा सिरदर्द, लड़ाई से दूर रहने के लिए कहा
- दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एबी डिविलियर्स का मानना है कि विराट कोहली को मैदान पर होने वाली लड़ाई से दूर रहना चाहिए, इससे उनकी बल्लेबाजी प्रभावित होती है।
स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरा बेहद निराशाजनक रहा। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट की दूसरी पारी को छोड़ दे तो कोहली रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, यहां तक उन्हें क्रीज पर थोड़ी देर टिकने के लिए काफी मुश्किल हो रही थी, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने उनकी सबसे बड़ी कमजोरी ढूंढ ली थी और लगातार उनके खिलाफ वही रणनीति अपना रहे थे और सफल हो रहे थे। सीरीज खत्म होने के बाद कोहली के जिगरी यार एबी डिविलियर्स ने उन्हें अपनी कमजोरी को खत्म करने के लिए नया तरीका बताया है।
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच में शतक जमाने के बाद कोहली पांच टेस्ट में आठ बार आफ स्टम्प से बाहर जाती गेंद से छेड़खानी करके स्लिप में कैच देकर आउट हुए हैं। एबी डिविलियर्स ने कोहली को सुझाव दिया है कि उन्हें हर गेंद के बाद फिर से फोकस करने की जरूरत है, इससे वह ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों की परेशानी से बाहर आ सकते हैं। भारतीय टीम का ये दौरा कोहली का आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जा रहा है।
एबी डिविलियर्स ने कहा, ''दुनिया में मौजूद हर एक बल्लेबाज की कुछ ना कुछ कमजोरी होती है। मेरे लिए, सीधी गेंद जो मेरे पैड पर आती थी। मुझे लगता है कि दिमाग को रिसेट करना सही है। मुझे लगता है कि विराट मैदान पर होने वाली लड़ाई में शामिल हो जाते हैं। यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यह उनकी कमजोरी भी हो सकती है।''
उन्होंने आगे कहा, ''इस सीरीज के दौरान हमने देखा कि वह कुछ खिलाड़ियों से लड़े, लोग उनके खिलाफ दिखे। विराट कोहली को लड़ाई पसंद है लेकिन जब आप फॉर्म में ना हो, सबसे जरूरी होता है कि आप इन सब चीजों से दूर रहे। बतौर बल्लेबाज आपको हर गेंद के बाद खुद को रिसेट करना चाहिए और ये समझना चाहिए कि हर गेंद कुछ नया करने वाली है और गेंदबाज को भूल जाओ।''
डिविलियर्स ने कहा, "मुझे लगता है कि कभी-कभी विराट भूल जाते हैं और अपनी लड़ाई करने की भावना और हर चीज में खुद को शामिल करने के कारण और पूरे भारत को दिखाना चाहता है कि वह उनके लिए लड़ने के लिए मौजूद है। उस खिलाड़ी का कौशल, अनुभव और महानता कोई मुद्दा नहीं है। ये खुद को हर गेंद के बाद फिर से तैयार करने के बारे में है। हो सकता है कि कभी-कभी वह बहुत अधिक शामिल हो जाता है।"
रोहित और कोहली की खराब फॉर्म को लेकर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि दोनों दिग्गजों के लिए अपनी बल्लेबाजी में आई गिरावट को रोकना मुश्किल होता जा रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने इस सत्र में 10 में से छह टेस्ट गंवाए हैं। इसके अलावा टीम को श्रीलंका में वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।