कन्हैया कुमार के लिए बेगूसराय जा सकते हैं राहुल गांधी; कांग्रेस की नौकरी दो यात्रा चल रही है
- इस साल तीसरी बार बिहार पहुंच रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी 7 अप्रैल को बेगूसराय जा सकते हैं। पार्टी की पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा का नेतृत्व कर रहे कन्हैया कुमार बेगूसराय के ही रहने वाले हैं।

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार की पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी 7 अप्रैल को बेगूसराय पहुंच सकते हैं। यह तो पहले से घोषित है कि राहुल गांधी 7 अप्रैल को पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने आ रहे हैं। अब अपडेट ये है कि वो कांग्रेस की बिहार में चल रही इस यात्रा में शामिल होने के लिए उसी दिन हेलिकॉप्टर से बेगूसराय जा सकते हैं। कन्हैया की यात्रा 2 अप्रैल को किशनगंज से बहाल हो गई है। कन्हैया रविवार को अररिया में यात्रा को बीच में छोड़कर पार्टी की बैठक में शामिल होने के लिए अचानक दिल्ली चले गए थे।
कन्हैया कुमार बेगूसराय जिले के बीहट गांव के रहने वाले हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में वो अपनी पुरानी पार्टी सीपीआई के टिकट पर बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। उस चुनाव में भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कन्हैया को बड़े अंतर से हराया था। 2024 के चुनाव में कन्हैया को कांग्रेस ने उत्तर पूर्व दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ाया लेकिन भाजपा के मनोज तिवारी से वो अपने राजनीतिक करियर का दूसरा चुनाव भी हार गए।
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बेगूसराय के जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभय सिंह सार्जन ने बताया कि पार्टी ने जिला प्रशासन ने राहुल के हेलिकॉप्टर के उतरने की इजाजत ले ली है। अभय सिंह सार्जन ने कहा कि अभी राहुल गांधी के आने का समय तय नहीं हुआ है लेकिन उनके आने की संभावना के मद्देनजर पार्टी उनके स्वागत की तैयारियों में जुट गई है। बिहार में नए प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार की नियुक्ति के बाद कांग्रेस ने दो दिन पहले ही 40 जिलों में अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति की है।
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कांग्रेस की पलायन रोको, नौकरी दो यात्रा पश्चिम चंपारण के भितिहरवा आश्रम से शुरू हुई थी। ये वो जगह है जहां से महात्मा गांधी ने 1917 में चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी। कन्हैया कुमार इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं जिसमें पार्टी के बड़े नेता चरणबद्ध तरीके से रास्ते में शामिल हो रहे हैं।