वक्फ संशोधन बिल का संसद में पेश होना ऐतिहासिक : मंगल
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने वक्फ संशोधन बिल 2024 का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की ऐतिहासिक पहल है, जिसका उद्देश्य पुराने वक्फ कानून को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है। उन्होंने...

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने वक्फ संशोधन बिल 2024 को बुधवार को संसद में पेश करने का स्वागत किया। बुधवार को जारी बयान में मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार की यह ऐतिहासिक पहल है। इस बिल को पारित करने के पीछे सरकार का मकसद पुराने वक्फ कानून को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और मुस्लिम संगठनों का विरोध तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है। 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट से जुड़ी करीब 120 याचिकाएं दायर कर मौजूदा कानून में कई खामियां बताई गईं। इनमें से करीब 15 याचिकाएं मुस्लिमों की तरफ से हैं। याचिकाकर्ताओं का सबसे बड़ा तर्क यह था कि एक्ट के सेक्शन 40 के मुताबिक वक्फ किसी भी प्रॉपर्टी को अपनी प्रॉपर्टी घोषित कर सकता है। इसके खिलाफ कोई शिकायत भी वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में ही की जा सकती है और इस पर अंतिम फैसला ट्रिब्यूनल का ही होता है। पुराने वक्फ कानून की खामियों से लोगों के लिए वक्फ जैसी ताकतवर संस्था के फैसले को कोर्ट में चैलेंज करना आसान नहीं है। इन याचिकाकर्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि धार्मिक आधार पर कोई ट्रिब्यूनल नहीं होना चाहिए। वक्फ संपत्तियों पर फैसला सिविल कानून से हो, न कि वक्फ ट्रिब्यूनल से। संशोधित वक्फ कानून के पारित होने और अस्तित्व में आने के बाद न केवल कई पेचीदगियों का समाधान होगा, बल्कि पारदर्शी तरीके से आम और गरीब मुसलमानों के कल्याणार्थ वक्फ परिसम्पतियों का प्रबंधन भी सम्भव होगा।
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