DBT PG Program Advisory Committee Meeting at CUSB Discusses Future Biotechnology Curriculum सीयूएसबी: डीबीटी पीजी कार्यक्रम की हुई पहली एआईएचएसी बैठक, Gaya Hindi News - Hindustan
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सीयूएसबी: डीबीटी पीजी कार्यक्रम की हुई पहली एआईएचएसी बैठक

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने डीबीटी पीजी प्रोग्राम की पहली सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की। बैठक में पाठ्यक्रम की निगरानी, छात्रों के प्रवेश, और विभागीय गतिविधियों...

Newswrap हिन्दुस्तान, गयाWed, 2 April 2025 06:08 PM
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सीयूएसबी: डीबीटी पीजी कार्यक्रम की हुई पहली एआईएचएसी बैठक

दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने भविष्य की कार्रवाई पर चर्चा के लिए डीबीटी पीजी प्रोग्राम की पहली एडहॉक इन-हाउस सलाहकार समिति (एआईएचएसी) की बैठक आयोजित की। बैठक में स्कूल ऑफ अर्थ बायोलॉजिकल एंड एनवायरनमेंटल साइंसेज (एसईबीईएस) के डीन प्रो. रिजवानुल हक ने पीजी पाठ्यक्रम की निगरानी में एआईएचएसी की भूमिका के बारे में जानकारी दी। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार ने समिति को विभागीय गतिविधियों जैसे परिचय, कार्यक्रम, छात्रों के प्रवेश, शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभागीय संकाय को यूजीसी, डीएई, एसईआरबी, आईसीएमआर, आयुष से 2.82 करोड़ रुपये की राशि के 14 बाह्य अनुदान और डीएसटी (केवल 58 लाख रुपये) और डीबीटी (केवल 91 लाख सत्तर हजार रुपये) से बुनियादी ढांचा विकास अनुदान प्राप्त हुआ था। डीबीटी पीजी प्रोग्राम के समन्वयक प्रो. दुर्ग विजय सिंह ने पीजी प्रोग्राम चलाने और गेट-बी स्कोर के माध्यम से छात्रों को प्रवेश देने के लिए डीबीटी अनुदान प्राप्त करने के बाद विभाग की शिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि गेट -बी 2023 के पहले बैच के नौ में से चार छात्रों ने गेट 2025 परीक्षा उत्तीर्ण की है। डीबीटी, भारत सरकार की प्रतिनिधि डॉ. विनीता चौधरी ने उद्योग और कौशल विशेषज्ञों के साथ जुड़ने और तदनुसार पाठ्यक्रम जोड़ने / संरेखित करने का सुझाव दिया। बैठक में औद्योगिक विशेषज्ञ, कौशल विशेषज्ञ और शैक्षणिक विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की सामग्री को संशोधित करने और कौशल-आधारित प्रशिक्षण, जैव प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों में एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग, छात्रों को ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण/इंटर्नशिप के लिए उद्योगों में भेजने के अलावा विदेशी संस्थानों के साथ सहयोग की संभावना तलाशने का सुझाव दिया। बैठक में जाइडस लाइफ के विजयेंद्र सिंह (उद्योग विशेषज्ञ), हैदराबाद के डॉ. कृष्ण मोहन (कौशल विशेषज्ञ) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के प्रो. अरविंद कुमार (अकादमिक विशेषज्ञ) शामिल हुए।

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