खगड़िया : जीवन को सफल बनाने के लिए सत्संग जरूरी
महेशखूंट में आयोजित दो दिवसीय संतमंत सत्संग के अंतिम दिन स्वामी स्वरूपानंद जी ने कहा कि सत्संग जीवन को सरल और सफल बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने मोक्ष की प्राप्ति, सदाचार और शांति पर जोर दिया।...

महेशखूंट। एक प्रतिनिधि जीवन को सरल और सफल बनाने के लिए सत्संग बहुत जरूरी है। सत्संग से मनुष्य को मोक्ष की प्रप्ति होती है। जो जैसा संगति करता है।वे वैसा बनाता है।यह बातें पकरैल पंचायत के उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय संतमंत सत्संग के अंतिम दिन संतमंत सत्संग में भागलपुर के सिद्ध पीठ कुप्पाघाट से आये पुज्य पाद स्वामी स्वरूपानंद जी ने वुधवार को कही। उन्होंने कहा कि सत्संग से मनुष्य को सदाचार, शिष्टाचार तथा शुच्चाचार जीवन में आता है। मनुष्य को तन काम में तथा मन राम में लगाना चाहिए। मनुष्य के माता,पिता व गुरु प्रत्यक्ष परमात्मा स्वरुप होते हैं इनके सेवा करने से मनुष्य का कल्याण होती है। जो व्यक्ति परिवार के साथ मिलजुल कर रहते है।उनके लिए लोक व परलोक घरती पर है। मनुष्य को झूठ,चोरी, नशा, हिंसा तथा व्यविचार का हमेशा त्याग करना चाहिए। उन्होंने अमृत मय प्रवचन से बताए कि सभी मनुष्य को ज्ञान व योग के द्वारा संतो के बताए मार्ग पर चलना चाहिए। इसने सुख की प्राप्त होती है। सात्विक भोजन सदाचार शिष्टाचार एवं सुविचार का पालन करना चाहिए। गंगापुर आश्रम से आए सकलदेव बाबा ने कहा की शांति सद्भाव समाज में आनंद व कल्याण की प्राप्ति होती है। स्वामी घनश्याम बाबा ने संगीत मय प्रवचन से श्रद्धालुओं को मन मुग्ध किया। कार्यक्रम की मंच संचालन राजेश कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर संतमंत सत्संग आश्रम, पकरैल के प्रमोद बाब पूर्व मुखिया नरायण शर्मा, गोपाल बाबा,प्रल्हाद बाबा, राहुल बाबा, कृष्णदेव बाबा,प्रशांत कुमार,सिंटु कुमार, डब्लू कुमार, अरविन्द साह,आशा देवी आदि मौजूद थे।
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