Hindi Newsधर्म न्यूज़falgun amavasya 2025 kab hai date time puja vidhi shubh muhurat know eyerything

Falgun Amavasya 2025 : फाल्गुन अमावस्या कल, नोट कर लें पूजा-विधि, शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ

  • हर माह में एक बार अमावस्या तिथि पड़ती है। हिंदू धर्म में अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है। अमावस्या तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

Yogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीWed, 26 Feb 2025 05:04 PM
share Share
Follow Us on
Falgun Amavasya 2025 : फाल्गुन अमावस्या कल, नोट कर लें पूजा-विधि, शुभ मुहूर्त से लेकर सबकुछ

Falgun Amavasya 2025 : हर माह में एक बार अमावस्या तिथि पड़ती है। हिंदू धर्म में अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है। अमावस्या तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण भी किया जाता है। अमावस्या तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। नदी में स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देकर पितरों का तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन महिलाएं पति की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रखती हैं। इस समय फाल्गुन माह चल रहा है। फाल्गुन माह की अमावस्या 27 फरवरी, गुरुवार को है। आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की पूजा-विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व…

मुहूर्त-

फाल्गुन, कृष्ण अमावस्या प्रारम्भ - 08:54 ए एम, फरवरी 27

फाल्गुन, कृष्ण अमावस्या समाप्त - 06:14 ए एम, फरवरी 28

स्नान-दान का समय- 27 फरवरी को दिनभर स्नान-दान किया जा सकता है।

ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 05:08 से 05:58 तक

शिव योग – प्रातः 5:09 से रात्रि 11:41 तक

अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:11 से 12:57 तक

फाल्गुन अमावस्या का महत्व-

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन अमावस्या का बहुत अधिक महत्व होता है। इस पावन तिथि पर पितर संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शीवाद प्राप्त होता है। इस पावन दिन दान करने से कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।

पूजा-विधि:

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरवोर में स्नान करने का महत्व बहुत अधिक होता है। आप घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।

स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।

सूर्य देव को अर्घ्य दें।

अगर आप उपवास रख सकते हैं तो इस दिन उपवास भी रखें।

इस दिन पितर संबंधित कार्य करने चाहिए।

पितरों के निमित्त तर्पण और दान करें।

इस पावन दिन भगवान का अधिक से अधिक ध्यान करें।

इस पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है।

इस दिन विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना भी करें।

पूजा-सामग्री की लिस्ट- चंदन, अक्षत, पान, सुपारी, फल, फूल, रोली, कुमकुम,धूप, घी, दीपक, शुद्ध जल, गंगाजल, आसन, मिष्ठान।

ये भी पढ़ें:राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा 27 फरवरी का दिन, पढ़ें विस्तृत राशिफल
अगला लेखऐप पर पढ़ें