BJP Suvendu Adhikari hits back at critics said They take credit for win but blame me for loss बंगाल भाजपा में कलह, शुभेंदु अधिकारी बोले- जीत का क्रेडिट वे खुद लेते हैं, लेकिन हार..., West-bengal Hindi News - Hindustan
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बंगाल भाजपा में कलह, शुभेंदु अधिकारी बोले- जीत का क्रेडिट वे खुद लेते हैं, लेकिन हार...

भाजपा की जमीन खिसकने से राज्य की भाजपा इकाई में गुटबाजी और गहरी हो गई है। दिलीप घोष, सौमित्र खान और जगन्नाथ सरकार जैसे नेता चुनावी हार के लिए अधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

Amit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाताFri, 14 June 2024 11:05 PM
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बंगाल भाजपा में कलह, शुभेंदु अधिकारी बोले- जीत का क्रेडिट वे खुद लेते हैं, लेकिन हार...

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी राज्य में पार्टी के खराब चुनावी प्रदर्शन के लिए आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। ये आलोचनाएं कोई और नहीं बल्कि खुद भाजपा नेता कर रहे हैं। अब ऐसे लोगों पर शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं ने जीत का श्रेय लिया और हार के लिए उन्हें दोषी ठहराया। बुधवार शाम को मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अधिकारी ने कहा कि उनकी भूमिका "पार्टी के लिए प्रचार करने" की थी न कि "संगठनात्मक मामलों में हस्तक्षेप करने" की। वह वरिष्ठ नेताओं का जिक्र कर रहे थे जिन्होंने लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के लिए अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया था। शुभेंदु अधिकारी 2020 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की 42 संसदीय सीटों में से भाजपा की सीटों की संख्या घटकर 12 रह गई है, जो 2019 में 18 थी। उन्होंने कहा, "जब चीजें सही होती हैं और नतीजे हमारी पार्टी के पक्ष में होते हैं, तो वे इसका क्रेडिट खुद लेते हैं। लेकिन जब चुनावी प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होता, तो वे मुझे दोषी ठहराते हैं।" उन्होंने कहा कि पार्टी नेता के तौर पर वे "पार्टी के अंदरूनी मामलों के बारे में जनता के सामने बात नहीं करते।"

भाजपा की जमीन खिसकने से राज्य की भाजपा इकाई में गुटबाजी और गहरी हो गई है। दिलीप घोष, सौमित्र खान और जगन्नाथ सरकार जैसे नेता चुनावी हार के लिए अधिकारी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पिछले हफ्ते हार के तुरंत बाद अपने बयानों में, बंगाल भाजपा इकाई के पूर्व प्रमुख दिलीप घोष ने संकेत दिया कि दक्षिण बंगाल की सीटों के लिए उम्मीदवार चयन में अधिकारी की भूमिका थी और उन्हें मेदिनीपुर से बर्धमान-दुर्गापुर ले जाने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया। 

पार्टी ने दोनों सीटें टीएमसी के हाथों गंवा दीं। घोष ने 6 जून को एक्स पर लिखा, “एक बात ध्यान में रखें: पार्टी के एक भी पुराने कार्यकर्ता की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। यदि आवश्यक हो, तो दस नए कार्यकर्ताओं को अलग किया जाए। क्योंकि पुराने कार्यकर्ता ही हमारी जीत की गारंटी हैं। नए कार्यकर्ताओं पर इतनी जल्दी भरोसा करना उचित नहीं है – अटल बिहारी वाजपेयी।”

आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने बुधवार को कहा, "भविष्य में संगठनात्मक निर्णयों में हस्तक्षेप करने का मेरा कोई इरादा नहीं है। मैं पार्टी के बाहर बोलते समय सावधानी बरतता हूं। इसके लिए, कई लोग मेरी कार्यशैली की आलोचना करते हैं। कभी-कभी, वे मेरे बारे में बुरी बातें कहते हैं और सोशल मीडिया पोस्ट करते हैं।"

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