उत्तराखंड के डेढ़ हजार स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या 5 से भी कम, रिपोर्ट ने बढ़ाई टेंशन
- उत्तराखंड के सैकड़ों सरकारी स्कूल एक या दो छात्रों के भरोसे चल रहे हैं। यह प्राइवेट स्कूलों के प्रति बढ़ता रुझान है या फिर पलायन का असर, सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।
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चंद्रशेखर बुड़ाकोटी, देहरादून: उत्तराखंड के सैकड़ों सरकारी स्कूल एक या दो छात्रों के भरोसे चल रहे हैं। यह प्राइवेट स्कूलों के प्रति बढ़ता रुझान है या फिर पलायन का असर, सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। प्रदेश के 1500 से ज्यादा स्कूलों में छात्रों की संख्या एक से पांच तक ही सिमटी हुई है। प्रदेश में 130 स्कूल ऐसें हैं जहां केवल एक ही छात्र का नाम दर्ज है। जिस प्रकार छात्र संख्या में कमी आ रही है, उससे भविष्य में शिक्षा विभाग में शिक्षकों के पदों में भी कटौती तय है।
गुरुवार को महानिदेशक-शिक्षा बंशीधर तिवारी ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि यू-डायस के माध्यम से किए गए आकलन में छात्र संख्या की तस्वीर सामने आई है। यह चिंताजनक तो है, लेकिन इसका समाधान कलस्टर स्कूलों के रूप में किया जा रहा है।
डीजी शिक्षा बंशीधर तिवारी ने कहा कि छात्र संख्या के अनुसार स्कूलों की स्थिति का आकलन किया गया है। इसके उपाय के रूप में कलस्टर स्कूल बनाए जा रहे हैं। इसमें कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के बीच एक स्कूलों को सभी संसाधन, शिक्षकों से लैस किया जाएगा। स्कूल कोई बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन अन्य स्कूलों से स्वेच्छा से कलस्टर स्कूल में एडमिशन लेने वाले छात्रों को स्कूल आने के लिए परिवहन किराया और एस्कार्ट सुविधा देने का प्रावधान है।
अल्मोड़ा और पौड़ी में कम छात्र वाले ज्यादा स्कूल
कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की संख्या सबसे ज्यादा अल्मोड़ा और पौड़ी में है। अल्मोड़ा में एक छात्र संख्या वाले स्कूल 25, दो छात्र संख्या वाले 33, तीन छात्र संख्या वाले 43, चार संख्या वाले 53 और पांच संख्या वाले 50 प्राइमरी स्कूल हैं। जबकि पौड़ी में 30 स्कूल एक छात्र, 61 में दो छात्र, 72 में तीन छात्र, 86 में चार छात्र और 107 स्कूलों में छात्र संख्या पांच है।
गढ़वाल मंडल
टिहरी के सरकारी स्कूलों से लोगों को रुझान घटा
टिहरी के चंबा ब्लाक के प्राथमिक स्कूल मठियांण गांव, पिपलठी, कीर्तिनगर ब्लाक के प्राथमिक स्कूल टोला और देवप्रयाग ब्लाक के ढुंग बिड़कोट, पोषाड़ा, देवलकंडी व गजेली प्राथमिक विद्यालय में मात्र एक-एक छात्र अध्यययनरत हैं। संपर्क करने पर प्राथमिक स्कूल मठियांण गांव के अध्यापक कमलेश ने बताया कि सरकारी स्कूलों में एडमिशन के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक किया गया था, लेकिन अधिकांश लोग बच्चों को बाहरी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। इस वजह से प्राथमिक स्कूल में छात्र संख्या मात्र एक रह गई है।
कुमाऊं मंडल
अल्मोड़ा में छात्र दो और तीन शिक्षक तैनात
अल्मोड़ा के चौखुटिया के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बसरखेत में मात्र दो छात्र ही पढ़ रहे हैं। इन दो छात्रों के लिए प्रधानाचार्य समेत दो शिक्षक कार्यरत हैं। पहले यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या मात्र एक थी। हाल ही में स्कूल में एक और बच्चे ने पहली कक्षा में प्रवेश लिया है। प्रधानाचार्य चंदन सिंह का कहना है कि घर-घर जाकर स्कूल में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। जल्द ही स्कूलों में अन्य बच्चों के आने की भी उम्मीद है।
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