फर्जी बीएड प्रमाण पत्र से शिक्षक की नौकरी कर रहे रामशब्द के खिलाफ मुकदमा
सितारगंज में एक शिक्षक ने 16 वर्षों तक फर्जी बीएड प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी की। विभाग ने पहले ही उसे बर्खास्त कर दिया था। जांच में पता चला कि शिक्षक का बीएड प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित था। अब उसके...

सितारगंज। फर्जी बीएड प्रमाण पत्र बनाकर 16 वर्ष तक नौकरी करने वाले शिक्षक के खिलाफ उपखण्ड शिक्षा अधिकारी ने मुकदमा दर्ज कराया है। शिक्षक को विभाग पहले ही बर्खास्त कर चुका है। डिप्टी बीईओ भानु प्रताप ने एसएसपी को दी तहरीर में कहा है कि बर्खास्त रामशब्द निवासी ग्राम फिरोजपुर राप्रावि पण्डरी में वर्ष 2009 में शिक्षक के पद पर तैनात था। शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में रामशब्द का बीएड प्रमाण पत्र की जांच के लिए परीक्षा नियंत्रक दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर को भेजा गया। विश्वविद्यालय के अभिलेख में वर्ष 2005 में किसी छात्र को रामशबद के प्रमाण पत्र में अकित अनुक्रमांक आवंटित ही नहीं हुआ था। जांच में रामशब्द के बीएड अंकपत्र कूटरचित व फर्जी पाया गया। विश्वविद्यालय के अभिलेखों के आधार पर कूटरचित एवं फर्जी प्रमाण पत्र की पुष्टि होने पर रामशब्द को 27 जनवरी को बर्खास्त कर दिया गया गया था। एसएसआई विक्रम सिंह धामी ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर मंगलवार को रामशब्द के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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