‘पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज पोषण सुरक्षा की पूर्ति करेंगे
वीपीकेएएस में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें वैज्ञानिकों ने किसानों को उच्च उपजशील और रोग प्रतिरोधक प्रजातियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। मोटे अनाज के पोषण सुरक्षा में योगदान...
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वीपीकेएएस में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को उच्च उपजशील व रोग प्रतिरोधक प्रजातियों को अपनाने पर जोर दिया। कहा कि मोटे अनाज पोषण सुरक्षा की पूर्ति कसरने में सक्षम हैं। भाकृअनुप विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के प्रयोगात्मक प्रक्षेत्र हवालबाग श्री अन्न मिलेट्स फसलों की उन्नत खेती विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के 21 किसानों व 4 विभागीय कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। किसानों को मोटे अनाजों से संबंधित नवीनतम तकनीकों उच्च उपजशील प्रजातियों, उन्नत सस्य विधियों, मूल्यवर्धन फसल संरक्षण और कटाई उपरांत प्रसंस्करण की जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि मोटे अनाज पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण पोषण सुरक्षा की पूर्ति करने और जलवायु परिवर्तन के संभावित खतरों का सामना करने में भी सक्षम हैं। उन्होंने किसानों को संस्थान की ओर से विकसित मिलेट थ्रेसर, उच्च उपजशील, जल्दी पकने वाली और रोग प्रतिरोधक प्रजातियों को अपनाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. उत्कर्ष कुमार ने भी किसानों को संबोधित किया। प्रशिक्षण के समापन पर मंडुवे की नवीनतम प्रजाति वीएल 400 के बीज भी वितरित किए गए।
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