गंगा आरती में गूंजा मांस-मदिरा मुक्त हो काशी
Varanasi News - वाराणसी में दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की ओर से आयोजित गंगा आरती में काशी को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की गई। मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर इस पहल के लिए सरकार को...

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। दशाश्वमेध घाट पर गंगोत्री सेवा समिति की तरफ से होने वाली गंगा आरती में मंगलवार को काशी को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग गूंजी। आरती के दौरान मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर यह पहल करने के लिए वहां की सरकार का आभार जताया गया। साथ ही काशी में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
मध्य प्रदेश सरकार ने लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में हुई कैबिनेट की बैठक में उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा और सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में मदिरा दुकानों और बार बंद करने का फैसला लिया है। गंगोत्री सेवा समिति, सामाजिक संस्था आगमन और ब्रह्म सेना के सदस्यों ने मंगलवार को विशेष गंगा पूजन कर मध्य प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया। आगमन संस्था के संस्थापक डॉ. संतोष ओझा ने योगी सरकार से मांग की कि काशी के अंतरगृही क्षेत्र में मांस मदिरा की बिक्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। गंगोत्री सेवा समिति के पं. किशोरी रमण दूबे ‘बाबू महराज और दिनेश शंकर दुबे ने आरती में आये भक्तों से काशी में भी पवित्रता रखने के लिए समर्थन मांगा।
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