महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का रहा बोलबाला, योगी ने आस्था से किया खिलवाड़, अखिलेश यादव का आरोप
प्रयागराज में गुरुवार को महाकुंभ का औपचारिक समापन हो गया। इसके बाद भी वार-पलटवार का दौर जारी रहा। एक तरफ सीएम योगी ने व्यवस्थाओं की तारीफ की और व्यवस्था में लगे लोगों के लिए कई घोषणाएं कीं। दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि महाकुंभ में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा।
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प्रयागराज में गुरुवार को एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ को बेहद शानदार बताते हुए इसमें सहभागिता करने वालों को सम्मान कर रहे थे तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए। अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, आस्था और सेवा के महापर्व महाकुंभ की पवित्र भावना को ठेस पहुंचाते हुए राजनीतिक अवसरवाद तलाशने का काम किया है। अखिलेश ने कहा कि लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया गया है। महाकुंभ में हर तरफ अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी सुविधानुसार 26 फरवरी को कुंभ का औपचारिक समापन कर दिया। इससे उन करोड़ों बुजुर्गों की इच्छा अधूरी रह गई जो अमृतस्नान करने से किन्हीं कारणों से वंचित रह गए हैं। ऐसे में एक माह का समय बढ़ाना चाहिए था लेकिन भाजपा की मनमानी रोड़ा बन गई।
अखिलेश ने कहा कि प्रयागराज संगम पर महाकुंभ का सदियों का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व और इतिहास है। कन्नौज के सम्राट हर्षवर्धन से लेकर सपा की सरकार तक के समय 2013 में कुंभ का सफल आयोजन किया गया था।
सरकार में 2013 के कुंभ की व्यवस्थाओं को साधु संतों सहित पूरी दुनिया ने सराहा था। हावर्ड विश्वविद्यालय की टीम ने उस समय महाकुंभ में की गई व्यवस्थाओं स्वच्छता, सफाई और भीड़ प्रबन्धन की व्यवस्था को आश्चर्यजनक बताते हुए सराहना की थी और उस पर एक पुस्तक भी प्रकाशित की गई थी। 2013 में समाजवादी सरकार में आयोजित कुंभ पर न्यूयार्क में कल ही चर्चा और सेमिनार हुए।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ को लेकर शुरू से भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री की नीयत में खोट था। वह धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन को राजनीतिक रंग देने में जुटे रहे। मुख्यमंत्री को महाकुंभ में आस्था कम व्यापार और व्यापारिक लाभ ज्यादा दिखाई दिया। वे उसी हिसाब-किताब में जुटे रहे। उन्होंने धार्मिक आयोजन की पवित्रता को नष्ट करने का पाप किया। व्यवस्थाओं, भीड़ प्रबन्धन पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके चलते भगदड़ हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालओं को जान गंवानी पड़ी।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा बार-बार मांग पर भी भाजपा सरकार ने कुंभ में हुई भगदड़ में मृतकों की सही संख्या नहीं बता रही है और न ही रेलवे स्टेशन पर दुर्घटना के शिकार लोगों की सही संख्या बतायी जा रही है। तमाम लोग अपने परिजनों की खोज में आज भी भटक रहे हैं। यह भाजपा की संवेदनहीनता है। आखिर भाजपा सरकार मृतकों और खोये हुए श्रद्धालुओं की सूची देने से क्यों डर रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में कुंभ के सुचारू आयोजन के लिए समाजवादी पार्टी मांग करती है कि श्रद्धालुओं और साधु-संतों के आवागमन स्नान और आश्रय के लिए स्थायी ढांचा विकसित करने के लिए एक दो लाख करोड़ रूपये का कार्पस फंड स्थापित किया जाना चाहिए। जिसमें एक लाख करोड़ रुपए राज्य सरकार और एक लाख करोड़ रुपए केन्द्र सरकार को देना चाहिए। इसके साथ ही प्रयागराज के किला को भी केन्द्र सरकार से राज्य सरकार को स्थानांतरित किया जाना चाहिए।