उमेश पाल हत्याकांड का एक साल पूरा, तीन शूटर अब भी फरार, अतीक की पत्नी शाइस्ता, बहन नूरी और जैनब का भी सुराग नहीं
माफिया अतीक अहमद के खिलाफ मोर्चा लेने वाले उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही राघवेंद्र व संदीप निषाद की हत्या हुए आज एक साल हो गया है। 24 फरवरी 2023 की शाम बम और गोलियों की बौछार कर जिस...
माफिया अतीक अहमद के खिलाफ मोर्चा लेने वाले उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में लगे सिपाही राघवेंद्र व संदीप निषाद की हत्या हुए आज एक साल हो गया है। 24 फरवरी 2023 की शाम बम और गोलियों की बौछार कर जिस सनसनीखेज तरीके से तीनों की हत्या की गई उसकी सीसीटीवी फुटेज जब सामने आई तो लोगों के होश उड़ गए। सिपाहियों को बेरहमी से गोली और बम से छलनी कर दिया गया। इस वारदात को अंजाम देने वाले कुछ आरोपी पकड़े गए तो कुछ मुठभेड़ में मार दिए गए लेकिन एक साल बाद भी इस सनसनीखेज हत्याकांड के तीन शूटर समेत छह आरोपी फरार हैं।
इन फरार शूटरों में पांच-पांच लाख के इनामी साबिर, अरमान और गुड्डू मुस्लिम शामिल हैं। इनके अलावा साजिश की आरोपी अतीक अहमद की पत्नी 50 हजार की इनामी शाइस्ता परवीन, बहन आयशा नूरी और अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा भी फरार है। पुलिस ने अतीक के बेटों का नाम भी अपनी विवेचना में प्रकाश में लाया लेकिन अभी उन्हें वांटेड या आरोपित नहीं किया गया है। इस केस की जांच अभी लंबित है। फरार आरोपियों में गुड्डू मुस्लिम ने ही बम से सिपाही की हत्या की थी। वहीं कार में बैठे दूसरे सिपाही को राइफल से साबिर ने गोली मारी थी। अरमान ने सिपाही और उमेश पाल पर गोलियां चलाई थीं। तीनों एक साल से फरार हैं। इन सभी छह आरोपियों के पांच खिलाफ पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई की है। सिर्फ अतीक की पत्नी शाइस्ता के खिलाफ कार्रवाई बाकी है।
अतीक की हत्या, बेटा एनकाउंटर में मारा गया
24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के बाद धूमनगंज पुलिस ने शूटरों के कार चालक अरबाज को 27 फरवरी को नेहरू पार्क के पास मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। अरबाज ही अतीक के बेटे असद को कार से लेकर उमेश पाल की हत्या करने गया था। इसके बाद छह मार्च 2023 को कौंधियारा पुलिस ने उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाले विजय चौधरी को मुठभेड़ में मार गिराया। वहीं 13 अप्रैल को एसटीएफ की झांसी में अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम से मुठभेड़ हुई।
दोनों शूटर झांसी में मारे गए। असद से हुई मुठभेड़ के दो दिन बाद 15 अप्रैल को अतीक अहमद और अशरफ की कॉल्विन अस्पताल के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। धूमनगंज पुलिस दोनों भाइयों को चेकअप कराने के लिए कॉल्विन अस्पताल ले गई थी, जहां मीडियाकर्मी बनकर पहुंचे सनी सिंह, लवलेश तिवारी और अरुण मौर्या ने गोलियों से छलनी कर दिया था। तीनों ने हत्या के बाद सरेंडर कर दिया था।
इनको भेजा गया जेल
पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के बहनोई अखलाक, अधिवक्ता खान सौलत हनीफ, अधिवक्ता विजय मिश्रा, मुस्लिम छात्रावास में रहने वाले सदाकत, अतीक के गुर्गे नियाज अहमद, मो. सजर, अरशद कटरा उर्फ अरशद खान, कैश अहमद और राकेश कमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
अतीक के गुर्गों पर दो-दो चार्जशीट, बचने का रास्ता नहीं
उमेश पाल हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दोहरा शिकंजा कसा है। अतीक के अधिवक्ता, शूटर और मददगारों को पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। उनकी निशानदेही पर असलहों की बरामदगी की। असलहा मिलने पर अलग से मुकदमा दर्ज किया। अब उमेश पाल हत्याकांड के अलावा असलहा के मुकदमे में दूसरा आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से कमिश्नरेट पुलिस ने सजा दिलाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। वहीं फरार आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की ऑक्टोपस और एसटीएफ लगी है।
अतीक और उसका भाई अशरफ
अतीक और अशरफ की हत्या से कुछ घंटे पूर्व ही पुलिस ने उनकी निशानदेही पर असलहों का जखीरा बरामद किया था। विदेशी पिस्टल और पाकिस्तानी कारतूस मिलने पर पुलिस ने उनके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया था। इस मुकदमे में भी कार्रवाई हो चुकी है।
अतीक का अधिवक्ता खान सौलत
अतीक के सबसे करीबी अधिवक्ता खान हनीफ सौलत को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस ने असलहा बरामद किया था। पिस्टल मिलने पर खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया। अधिवक्ता खान उमेश पाल को अपहरण करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
72 लाख की बरामदगी
उमेश पाल हत्याकांड में अतीक के गुर्गे नियाज अहमद, मो. सजर, अरशद कटरा उर्फ अरशद खान, कैश अहमद और राकेश कमार को गिरफ्तार कर पुलिस ने अतीक के चकिया स्थित कार्यालय से असलहों का जखीरा बरामद किया। 72 लाख रुपये कैश मिले थे। इस बरामदगी पर अलग से मुकदमा हुआ और सभी पर दूसरा आरोप पत्र दाखिल हो गया।
सदाकत
अतीक अहमद के बेटे असद का करीबी सदाकत मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में रहता था। एसटीएफ ने उसे असलहा के साथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में ही उमेश पाल की हत्या के लिए शूटर एकत्र होते थे। सदाकत पर दोनों मुकदमों में आरोप पत्र कोर्ट में जा चुकी है।
मुठभेड़ में मारे गए शूटर
उमेश पाल हत्याकांड में मारे गए चारों शूटर असद, गुलाम, विजय चौधरी (उस्मान) और चालक अरबाज के खिलाफ पुलिस ने उनके पाल हत्याकांड के अलावा आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले के तहत केस दर्ज किया था।