कन्नौज हादसाः लापता लोगों के परिजन डीएनए टेस्ट को तैयार
कन्नौज के छिबरामऊ बस हादसे में लापता लईक अहमद और परिवार के 4 लापता लोगों का खुलासा डीएनए टेस्ट से होगा। लईक की पहचान भाई रईस जबकि उसकी पत्नी की पहचान लईक की सास के खून से होगी। हादसे के 5 दिन बाद...
कन्नौज के छिबरामऊ बस हादसे में लापता लईक अहमद और परिवार के 4 लापता लोगों का खुलासा डीएनए टेस्ट से होगा। लईक की पहचान भाई रईस जबकि उसकी पत्नी की पहचान लईक की सास के खून से होगी। हादसे के 5 दिन बाद मंगलवार को रईस ने तहसीलदार से डीएनए टेस्ट के लिए हामी भर दी।
इलके अलावा फर्रुखाबाद के ही मां-बेटी, बस ड्राइवर कमलेश और छिबरामऊ की प्रिया की पहचान के लिए उनके-उनके परिजनों भी बुधवार को बुलाया गया है ताकि डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी। बस से बरामद 10 अवशेषों को कन्नौज पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है। इनमें एक ट्रक ड्राइवर अजय की शिनाख्त हो चुकी है।
फर्रुखाबाद के उगरापुर निवासी लईक अपनी पत्नी सायदा बेगम, बेटी सादिया, पुत्र शान और सैफ के साथ उसी बस में सवार थे जो शुक्रवार को छिबरामऊ के घिलोई गांव में हादसे का शिकार हुई थी। बस में गांव के ही छम्मीलाल अपने बेटे के साथ सवार थे, वह सकुशल निकल आए थे। छम्मीलाल ने लईक के परिवार को अनहोनी का सूचना दी लेकिन रईस को भरोसा नहीं हुआ।
रईस के मुताबिक सुबह छिबरामऊ कोतवाली के इंस्पेक्टर ने फोन करके नायब तहसीलदार से मिलने के लिए बुलाया। जब तहसील पहुंचे तो पता चला कि तहसीलदार अस्पताल गए हैं। ऐसे में फोन पर बात हुई। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया समझी। रईस के मुताबिक लापता भाभी की पहचान के लिए कानपुर के फेथफुलगंज में रहने वाली उनकी मां शाहजहां बेगम का खून लिया जाएगा। वह देर रात को आ जाएंगी। बुधवार को छिबरामऊ जाएंगे तकि डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।