भक्त प्रह्लाद की कथा सुनकर श्रद्धालु हुए भाव-विभोर
Sambhal News - धनारी क्षेत्र के आर.बी. पब्लिक स्कूल में स्वामी विवेकानंद जी ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाई। प्रह्लाद, जो भगवान विष्णु का परम भक्त था, ने अपने पिता हिरण्यकश्यप के दुष्कर्मों के बावजूद अपनी भक्ति नहीं...

धनारी क्षेत्र के मझोला फतेहपुर स्थित आर.बी. पब्लिक स्कूल प्रांगण में चल रही भागवत कथा के दौरान कथावाचक स्वामी विवेकानंद जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। स्वामी विवेकानंद जी ने कथा में बताया कि असुरराज हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का परम भक्त था। हिरण्यकश्यप विष्णु भगवान को अपना शत्रु मानता था और अपने राज्य में उनकी पूजा को प्रतिबंधित कर चुका था, लेकिन प्रह्लाद ने अपनी भक्ति नहीं छोड़ी। इस पर हिरण्यकश्यप ने उसे कई बार मारने का प्रयास किया, किंतु हर बार भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की। आखिर में, हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अग्नि में जलाने का आदेश दिया। होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, किंतु प्रह्लाद की अटूट भक्ति के प्रभाव से स्वयं होलिका जलकर भस्म हो गई और प्रह्लाद सुरक्षित रहा। यह कथा सुनकर श्रद्धालु जयकारे लगाने लगे और कथा पंडाल भक्ति के भाव में डूब गया। कथा के दौरान जगपाल सिंह, मुन्नी देवी, हेमेंद्र सिंह, रजकुमार, संजना, ज्योति, रविंद्र पाल सिंह, मुनेन्द्र, सियाराम, मोहनलाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के अंत में स्वामी विवेकानंद जी ने सभी को प्रह्लाद जैसी निष्कलंक भक्ति अपनाने और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
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