रामपुर में 2363 सरकारी संपत्तियों पर है वक्फ बोर्ड का दावा
Rampur News - केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड का संशोधित विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। इस पर सियासत गर्म है। सांसदों का कहना है कि यह निजी मामला है, सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण किया गया,...

केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड का संशोधित विधेयक लाने की तैयारी में है। जिसको लेकर सियासत गर्म है। सोमवार को ईद के मौके पर तमाम लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ी थी। यह बात अलग है कि वे मीडिया में आने से बचते नजर आए लेकिन, सांसद ने दो टूक कहा है कि यह जाती मामला है, इसमें सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। मालूम हो कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिसंबर-जनवरी में प्रदेश सरकार ने हर जिले में वक्फ संपत्तियों का सर्वे कराया था। इस दौरान रामपुर में भी सर्वे किया गया। जिसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने शासन को भेजी थी। जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह के अनुसार तहसीलवार प्राप्त हुई सर्वे रिपोर्ट में साप हुआ है कि 2363 ऐसी संपत्तियां मिली हैं, जो राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि की श्रेणी में आती हैं लेकिन, वक्फ में दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 3461 वक्फ संपत्तियां हैं, जिसमें 3403 सुन्नी और 58 शिया समुदाय की हैं। इनमें 2363 संपत्तियां राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं जबकि, वक्फ बोर्ड अपना दावा किए हुए है।
संपत्तियों का विवरण जिन पर शासकीय संपत्ति होने का दावा है
तहसील वक्फ संपत्ति दावा की गई संपत्ति का क्षेत्रफल
सदर 502 90.0282 हेक्टेयर
स्वार 503 78.4028 हेक्टेयर
टांडा 378 57.33107 हेक्टेयर
शाहबाद 284 54.8014 हेक्टेयर
बिलासपुर 370 70.119 हेक्टेयर
मिलक 326 46.1753 हेक्टेयर
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योग 2363 396.85777 हेक्टेयर
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वक्फ के नाम पर कम्युनल ब्लैकमेलिंग के धंधे से सावधान रहने की जरूरत है। कुछ लोग इसे लेकर भय और भ्रम का भोकाल खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि समझना चाहिए कि यह संसद का कानून है और संसद से ही इसका सुधार होगा।
-मुख्तार अब्बास नकवी, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
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मजहबी मामलात हर किसी के निजी होते हैं, उनमें किसी को भी दखल देने का हक नहीं है। वक्फ संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है। जिससे लोगों में नाराजगी है। सरकार को जल्द से जल्द बिल को वापस ले लेना चाहिए। यह देश मोहब्बत से चलेगा, नफरत से नहीं।
-मोहिब्बुल्लाह नदवी, सांसद एवं सपा के झारखंड प्रभारी
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कई मामलों में सरकार ने सार्वजनिक उद्देश्य के नाम पर वक्फ संपत्तियां ली हैं, लेकिन उन्हें अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे समुदाय में असंतोष पैदा हुआ। मुस्लिम पक्ष की इन आशंकाओं का निराकरण किए बिना कोई भी बिल सदन में पेश करना बेईमानी होगी।
-प्रमिल कुमार शर्मा उर्फ निक्कू पंडित, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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सरकार को सभी को साथ लेकर चलना चाहिए। धर्म-जाति, संप्रदाय के नाम पर किसी को टारगेट नहीं किया जाना चाहिए। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऐसा लग रहा है कि सरकार टारगेट किए हुए हो। बिल में संशोधन से दुरुपयोग हो सकता है और धार्मिक संपत्तियों की स्वायत्तता खत्म हो सकती है।
-प्रमोद निरंकारी, जिला प्रभारी बसपा
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