प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन एक्ट का अधिवक्ताओं ने किया विरोध
Pilibhit News - प्रस्तावित प्रारूप की व्यवस्था से अधिवक्ताओं ने जताई नाराजप्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन एक्ट का अधिवक्ताओं ने किया विरोधप्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन एक्ट क
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बार काउंसिल ऑफ उप्र के प्रांतीय आह्वान पर अधिवक्ताओं ने लामबंद होकर प्रस्तावित अधिवक्ता संशोधन बिल 2025 के विरोध में प्रदर्शन किया। विधेयक को तत्काल वापस लिए जाने की जरूरत पर बल देते हुए इससे होने वाली समस्याओं को रखा। जिला संयुक्त बार एसोसिएशन, सिविल बार एसोसिएशन और सेंट्रल बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में एकत्र होकर इस प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप पर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं के संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी समेत सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं का जमावड़ा रहा। नौ बिंदुओं पर प्रस्तावित सुझाव और आग्रह के साथ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से कहाकि प्रस्तावित विधेयक अधिवक्ताओं को संविधान द्वारा प्राप्त मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देशक तत्वों के ठीक प्रतिकूल है। लिहाजा इसे वापस लिया जाए। केंद्र सरकार द्वारा जो रेगुलेशन बनाने की बातें कही गई है उसे वापस लिया जाए। अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कर अधिवक्ता हित में निर्णय किया जाए। अधिवक्ताओं को न्यूनतम मासिक पेंशन व्यवस्था दी जाए। सभी न्यायालयों में सीसीटीवी, न्यायिक कार्यवाही वादकारियों के सामने डिस्प्ले किए जाने समेत अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है। तीनों ही बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों व अन्य अधिवक्ताओं ने बाजू पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और प्रस्तावित विधेयक को वापस लेने समेत अन्य मांगों को ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति तक भेजा। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि ज्ञापन को शीर्ष अधिकारियों के माध्यम से भेजा गया है। इस दौरान जिला संयुक्त बार एसोसिएशन, सेंट्रल बार एसोसिएशन और सिविल बार एसोसिएशन के पदाधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।
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