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बोले मुरादाबाद : ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगे तो गुलजार हों बाजार

Moradabad News - मानपुर बाजार में इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री में गिरावट आ रही है। ऑनलाइन खरीदारी और सस्ते चाइनीज उत्पादों की बढ़ती मांग से दुकानदार चिंतित हैं। पार्किंग, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी भी...

Newswrap हिन्दुस्तान, मुरादाबादThu, 13 March 2025 01:02 AM
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बोले मुरादाबाद : ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगे तो गुलजार हों बाजार

इलेक्ट्रॉनिक के सामान बिक्री के लिए पहचाने जाने वाले मानपुर बाजार में मंदी की मार झेल रहे कारोबारी ऑनलाइन खरीदारी और सस्ते चाइनीज उत्पादों की मांग बढ़ने से कारोबार को लेकर चिंतित हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी, जैसे पार्किंग, शौचालय और पेयजल की समस्याएं, कारोबारियों की चिंता बढ़ा रही हैं। जाम की समस्या भी इनके संघर्ष को और बढ़ा रही है। इनका कहना है कि भवनों और गली-मोहल्लों में रोशनी का सामान बेचते हैं, लेकिन हमारा कारोबार ही अंधेरे की चपेट में है। इन समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल मानपुर स्थित इलेक्ट्रॉनिक के सामान का बाजार भी अपनी अलग पहचान के लिए जाना जाता है। इस बाजार में 100 से अधिक दुकानें हैं, जबकि जिले में 9 हजार से अधिक दुकानें हैं। जो हजारों लोगों के लिए रोजगार का जरिया हैं। इलेक्ट्रॉनिक का सामान बेचने वाले दुकानदार बताते हैं कि ऑनलाइन बिक्री की ओर लोगों का रुझान बढ़ने से ग्राहक दुकानों पर आने से कतराते हैं, क्योंकि ऑनलाइन खरीदारी करने से उनका समय बचता है। साथ ही, वे जाम आदि की समस्याओं का सामना करने से बच जाते हैं। इस कारण ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक का सामान बिक्री वाली दुकानों पर नहीं आते हैं। इसलिए मानपुर स्थित बाजार में इलेक्ट्रॉनिक का सामान बेचने वाले दुकानदार कारोबार को लेकर चिंतित हैं। साथ ही, बाजार में असुविधाएं भी उनकी समस्याओं में इजाफा कर रही हैं। अगर बाजार में सुविधाएं बढ़ें और ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगे, तो मानपुर के बाजार की ओर ग्राहकों का रुझान बढ़ सकता है। इसके लिए प्रशासन को नियम बनाने की जरूरत है।

दुकानदार बताते हैं कि ग्राहकों की मांग को देखते हुए वे हर उत्पाद को दुकान पर रखने के लिए काफी चिंतित रहते हैं। जब कभी ग्राहक खरीदारी करने आते हैं, तो वे मोबाइल में ऑनलाइन उत्पाद के दाम दिखाकर बाजार में उसी के जैसा उत्पाद उसी दाम में देने की मांग रखते हैं। अगर दुकानदार उस उत्पाद को उसी कीमत में बेच भी दें, तो मुनाफा कमाना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, अधिक जीएसटी से भी इलेक्ट्रॉनिक के सामानों की बिक्री पर असर पड़ रहा है। बताया गया कि मानपुर बाजार में सैकड़ों दुकानें हैं, लेकिन पार्किंग नहीं है। कार तो दूर, गलियों में बाइक खड़ी कर दी जाए तो जाम लग जाता है। इसे लेकर प्रशासन से कई बार मांग की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। शौचालय और पेयजल की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

ऑनलाइन खरीदारी करने पर सस्ते ऑफर के लालच में आ रहे लोग

मानपुर के बाजार में दुकान चलाने वाले नितिन बंसल ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी की ओर लोगों का रुझान बढ़ रहा है। इसे देखते हुए दुकानों पर उत्पाद रखने पड़ते हैं ताकि ग्राहक दुकान से बिना उत्पाद खरीदे नहीं लौटें, लेकिन ग्राहक ऑनलाइन खरीदारी पर ऑफर के लालच में आ रहे हैं। हालांकि उत्पाद की गुणवत्ता को ध्यान में नहीं रखा जा रहा है। जबकि बाजार में मिलने वाले उत्पादों की गुणवत्ता अधिक परखी जाती है।

बाजार में हो पार्किंग तो वाहनों के न कटे चालान

बाजार की सबसे प्रमुख समस्याओं में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होना भी शामिल है। बाजार के आसपास पार्किंग नहीं होने के कारण लोगों को वाहन खड़े करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार ग्राहक दुकान पर नहीं रुकते हैं। पवन गिरि ने बताया पार्किंग नहीं होने के कारण सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। इस कारण ट्रैफिक पुलिस वाहनों के चालान काट देती है। कई बार वाहन को उठाकर भी ले जाती है।

बोले जिम्मेदार

चाइनीज उत्पादों का ट्रेंड बदलता रहता हैं। इसके कारण दुकान में रखा स्टॉक पुराना होता जा रहा है। उसे बेचने में काफी दिक्कत होती है और नुकसान होता है।

-संजीव बंसल, जिला महामंत्री मुरादाबाद इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन

शहर में बढ़ते जाम के कारण खरीदार बाजार में आने से कतराते हैं। बाजार तक सफर तय करके आने के बजाय, खरीदार पास की ही छोटी दुकानों से ही खरीदारी करना पसंद कर रहे हैं।

-प्रतीक कपूर, जिलाध्यक्ष मुरादाबाद इलेक्ट्रिक ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन

हमारी भी सुनें

ऑनलाइन बिक्री करने वालों से अधिक टैक्स वसूल किया जाए तो दुकानों की ओर लोगों का रुझान बढ़ेगा तो कारोबार को पंख लगेंगे।

-संजीव गुप्ता

बाजार खाली पड़े हैं, ऑनलाइन सामान बिक रहा है। इससे काम प्रभावित किया है। कारीगरों को दिहाड़ी देना मुश्किल हो रहा है।

-अमर सिंह

बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है जिससे दिक्कत होती है। कई बार खरीदारों के वाहन यातायात पुलिस उठाकर ले गई है।

-पवन गिरि

बाजार में शौचालय और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। नगर निगम को इस पर विचार करना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी यहां काम करती है

-राजेश गुप्ता

जीएसटी देने वाले दुकानदारों को इनकम टैक्स में छूट मिलनी चाहिए। इससे उन पर टैक्स का बोझ कम होगा तो काम में तेजी आएगी।

-अयूर गुप्ता

बाजार में बिजली लाइनों के खंभे जर्जर हैं। कुछ खंभे गल गए हैं। खंभों के गिरने का खतरा बना रहता है। ग्राहकों को हादसे का डर सताता है।

-गौरव वर्मा

खरीदार सुविधा देखते हैं, बाजार पहुंचने में दिक्कत होगी तो वे दूसरी जगह चले जाते हैं। यातायात पुलिस वाहनों का चालान करती है तो खरीदार आने से बचते हैं।

-मयूर टंडन

खरीदारों को चाहिए कि वे ऑनलाइन उत्पाद खरीदने से बचे। उनकी गुणवत्ता बाजार के मुकाबले कम होती है। व्यक्तियों को जागरूक होना चाहिए।

-रजत सचदेवा

लाइट और पंखे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जरूरत है। इन पर 18 प्रतिशत से अधिक जीएसटी वसूली जाती है। इन पर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत होनी चाहिए।

-अमन जैन

सुझाव एवं शिकायतें

1. पार्किंग की व्यवस्था हो तो ग्राहकों के वाहनों के चालान नहीं काटे जाएंगे। उनका डर दूर होगा।

2. ऑनलाइन उत्पाद बेचने वालों से अधिक टैक्स वसूला जाना चाहिए। इससे ऑफलाइन बिक्री में तेजी आएगी।

3. कारोबारियों और ग्राहकों के लिए बाजार में पेयजल के लिए आरओ वाटर सिस्टम लगाया जाए।

4. शौचालय बने और सफाई के बेहतर इंतजाम हो तो दुकानदारों की समस्या कम होगी।

5. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर जीएसटी को घटाया जाना चाहिए। इससे सामान सस्ते होंगे।

1. बिजली के उत्पादों पर जीएसटी अधिक वसूला जा रहा है। ऑनलाइन सामान पर जीएसटी कम है।

2. बाजार में पार्किंग, शौचालय नहीं होने के कारण खरीदारों को दिक्कत होती है।

3. बाजार में जाम की समस्या से कारोबार प्रभावित होता है। इससे छुटकारा मिलना चाहिए।

4. व्यवस्था नहीं होने की वजह से गर्मी में दिक्कत अधिक होती है।

5. चाइनीज उत्पादों पर रोक नहीं लगाई जा रही है। ये उत्पाद जल्दी खराब हो जाते हैं।

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