देश के नाम में इंडिया नहीं, सिर्फ भारत ही स्वीकार
Meerut News - मेरठ में 'भारत' नाम के लिए हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने राष्ट्रपति को 10,000 हस्ताक्षर भेजने का निर्णय लिया है। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने राष्ट्रीय स्तर पर इस...
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मेरठ। इंडिया नहीं, केवल भारत। देश का नाम केवल भारत करने के लिए दस लाख हस्ताक्षर करते हुए राष्ट्रपति तक पत्र पहुंचाए जाएंगे। मेरठ में ऐसे ही दस हजार हस्ताक्षर करते हुए पत्र राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे। शुक्रवार को चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने प्रेस कांफ्रेंस में मेरठ से हस्ताक्षर अभियान का आगाज किया। देश का नाम केवल भारत करने के इस मुद्दे को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने राष्ट्रीय स्तर पर धार देने का फैसला लिया है। प्रयागराज में हाल में हुए ज्ञानकुंभ में न्यास ने भारत नाम के लिए हस्ताक्षर अभियान का प्रस्ताव पारित किया। शुक्रवार को कैंपस स्थित माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में मेरठ प्रांत के संयोजक डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी एवं विश्वविद्यालय संयोजक प्रो. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर कर ज्ञापन भेजा। प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि विश्वविद्यालय पहले से ही चरित्र निर्माण, वैदिक गणित, पर्यावरण शिक्षा, प्रबंधन शिक्षा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी के अनुसार इंडिया शब्द सिर्फ नाम तक सीमित है, जबकि भारत हमारे लिए भावना है। यह हमारे पूर्वजों की विरासत है। ऐसे में देश का नाम केवल भारत प्रयुक्त किया जाए। प्रो. शिवराज सिंह पुंडीर ने कहा कि वैदिक गणित देशभर के अन्य सभी विश्वविद्यालयों के सापेक्ष सीसीएसयू में पहले स्थान पर है। प्रो. एसएस गौरव ने कहा कि देशभर में एनईपी न्यास के सामूहिक प्रयासों की देन है। प्रेसवार्ता में प्रो. केके शर्मा, डॉ. लक्ष्मण नागर मौजूद रहे।
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