विराट और अनुष्का ने किये संत प्रेमानन्द महाराज के दर्शन
Mathura News - पूर्व कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। उन्होंने सफलताओं और असफलताओं पर जिज्ञासा जताई, जिसे महाराज ने समझाया कि अभ्यास और प्रारब्ध का संतुलन...
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली अपनी पत्नी अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और बच्चों के साथ शुक्रवार को सुबह संत प्रेमानन्द महाराज के दर्शन करने पहुंचे। सफलता और असफलता को लेकर दोनों ने अपनी जिज्ञासा रखी, जिसके प्रेमानंद महाराज ने उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा शांत की। एक साल पूर्व भी दोनों प्रेमानन्द महाराज के दर्शन करने के लिये आये थे। परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीहित राधा केली कुंज पहुंचने पर अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि पिछली बार जब आई थी तब मन में कुछ सवाल थे, मुझे लगा कि पूछूंगी, लेकिन पास में और जो लोग बैठे थे उन्होंने कुछ न कुछ सवाल कर लिये। तब मैं मन ही मन आपसे बात कर रही थी। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम साधना करके लोगों को प्रसन्नता दे रहे हैं, ये (विराट) पूरे भारत को एक खेल से प्रसन्नता दे रहे हैं। अगर ये (विराट) विजयी होते हैं तो हमारे पूरे भारत में पटाखे फूटते हैं, पूरे भारत में आनंद मनाया जाता है, ये क्या इनकी (विराट की) साधना नहीं है? ये भी इनकी साधना है, ये अपने अभ्यास में रहें और इनका यही भजन है कि अपने अभ्यास को पुष्ट करें, भले ही वह खेल है। हमें अपने अभ्यास की पुष्टता पर ध्यान देना चाहिए, हमारे अभ्यास में कमी नहीं होनी चाहिए और बीच-बीच में नाम स्मरण कर लेना चाहिए, तो इनके लिये यही साधना है। अपने-अपने लक्ष्य को अगर हम दृढ़ता से निभाएं तो हम अपनी जगह उन्नति को प्राप्त होंगे और ये अपनी जगह उन्नति को प्राप्त होंगे और दोनों एक ही जगह पहुंचेंगे, क्योंकि यह परमात्मा के इस विश्व में इस भाव से रह रहे हैं और हम संत भाव में रह रहे हैं। सेवा वो भी है और सेवा ये भी है। ऐसा नहीं कि केवल परमात्मा के चरण डौलाना ही सेवा होती है। अलग-अलग सेवाएं होती हैं। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इनको (विराट को) भगवान ने खेल सेवा दी। अगर इस सेवा में प्रबलता पूर्वक संसार को सुख पहुंचा रहे हैं और नाम जप कर रहे हैं तो ये भगवत की सेवा ही कहलाई जाएगी।
कभी सफलता और कभी असफलता मिलने के सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि कभी-कभी क्या होता है कि जैसे हम 15-20 एक ग्रुप में हैं तो कइयों का प्रारब्ध उसमें जुड़ा होता है। आपके अभ्यास में कमी नहीं है, लेकिन प्रारब्ध उसमें जुड़ा हुआ है। अगर उसमें असुर प्रारब्ध ज्यादा जुड़ गया, क्योंकि विजय उनकी भी होनी है तो आपका अभ्यास प्रबल होने पर भी आपको हारजनित दुख देखना पड़ेगा। अभ्यास की कमी न होने पर भी प्रारब्ध भेद कर देता है। अभ्यास और प्रारब्ध दोनों पूर्ण हैं तो विजय की प्राप्ति निश्चित है। असफलता में रहने के लिये भगवान का चिंतन करते हुए धैर्य रखना पड़ेगा, लेकिन यह काम बड़ा कठिन, क्योंकि असफलता में कोई धैर्य पूर्वक मुस्कुरा के निकल जाए तो ये बहुत बड़ी बात होती है। उसके लिये भगवान क्षमता देते हैं, असफलता सदैव नहीं रहेगी।
अनुष्का ने मांगी प्रेम भक्ति
अनुष्का ने प्रेमानंद महाराज से कहा कि वह उन्हें केवल प्रेम भक्ति दे दें बस। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यह तो और अच्छी बात है। महाराज ने कहा कि बहुत बहादुर हैं ये लोग वरना संसार में यह सम्मान प्राप्त करने पर भक्ति की ओर मुड़ पाना कठिन होता है। तब अनुष्का ने कहा कि भक्ति के ऊपर कुछ नहीं है।
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