विश्व कुद्स दिवस पर फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन
Lucknow News - रमजान के आखिरी जुमा पर लखनऊ में आसिफी मस्जिद के बाहर फिलिस्तीन के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए और नेतन्याहू तथा ट्रंप की तस्वीरें जलाईं। मजलिस...

- अलविदा जुमा की नमाज के आसिफी मस्जिद के बाहर प्रदर्शन लखनऊ, कार्यालय संवाददाता
रमजान के आखिरी जुमे को विश्व कुद्स दिवस के मौके पर लखनऊ में फिलिस्तीन के मासूम लोगों के समर्थन में और गाजा में हो रहे नरसंहार के खिलाफ आसिफी मस्जिद में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने इजराइल और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए और इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू व पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें जलाकर गुस्सा जाहिर किया। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर फिलिस्तीन के हक में और इजराइल-अमेरिका के खिलाफ नारे लिखे थे। इस मौके पर शोहदा-ए-कुद्स को भी याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
मजलिस उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि जुल्म करने वाले का अंत हमेशा बर्बादी होता है। उन्होंने नेतन्याहू और अमेरिका की निंदा करते हुए कहा कि ये लोग कितना भी अत्याचार करें, जीत मासूमों की ही होगी। मौलाना ने मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि इजराइल को खत्म करने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि वहां के लोगों ने एक बार फिर खतरनाक नेता को चुना है, जो दुनिया की शांति के लिए नुकसानदेह है। मौलाना ने ईरान को धमकाने की कोशिश को भी बेकार बताया और कहा कि ईरान ऐसी धमकियों से नहीं डरता। उन्होंने कहा कि तालिबान, अल-कायदा जैसे आतंकी संगठन मुसलमानों के नहीं, बल्कि अमेरिका और इजराइल के बनाए हुए हैं, क्योंकि ये कभी फिलिस्तीन या मुस्लिमों के हक में नहीं बोलते। मौलाना ने भारत सरकार से मांग की कि वह गांधी और वाजपेयी की तरह फिलिस्तीन के साथ खड़े होने की नीति अपनाए। साथ ही, गाजा में शांति और मानवीय मदद पहुंचाने की अपील की। प्रदर्शन में कई बड़े उलेमा शामिल हुए और संयुक्त राष्ट्र को मांगपत्र भेजा गया।
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