94.2 हेक्टेयर भूमि पर वक्फ बोर्ड का दावा, रिकॉर्ड में नहीं है एक भी इंच जमीन
Kushinagar News - कुशीनगर में उप्र सेंट्रल सुन्नी बोर्ड ने 94.2 हेक्टेयर जमीनों को वक्फ संपत्ति होने का दावा किया है, जबकि सरकारी राजस्व अभिलेखों में इसका कोई भी रिकॉर्ड नहीं है। जिला अल्पसंख्यक विभाग ने इस संबंध में...

कुशीनगर। उप्र सेंट्रल सुन्नी बोर्ड ने कुशीनगर में 94.2 हेक्टेयर जमीनों को वक्फ की संपत्ति होने का दावा किया है, लेकिन सरकारी राजस्व अभिलेखों में एक भी इंच जमीन वक्फ के नाम से दर्ज नहीं है। इसकी रिपोर्ट जिला अल्पसंख्यक विभाग दो माह पूर्व मांगी गई सूचना के क्रम में शासन को भेज चुके हैं। वहीं शिया बोर्ड ने जिले में किसी भी जमीन पर अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। जनपद के सरकारी राजस्व अभिलेखों में वक्फ के नाम से एक भी इंच जमीन दर्ज नहीं है। वक्फ यानि अल्लाह के नाम से दर्ज जमीन को लेकर बुधवार को संसद में गर्मागर्म बहस हुई। इसे लेकर जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1986 में वक्फ बोर्ड ने सर्वे कराया था। इसमें यह जानकारी हासिल की गई थी कि किसी भी मुस्लिम व्यक्ति ने अल्लाह के नाम से जमीन जकात की है क्या। ऐसे मामले कुशीनगर में एक भी नहीं हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से दो माह पूर्व शासन स्तर से वक्फ की सम्पत्ति के बारे में व्योरा मांगा गया था। विभाग ने जिले के सभी तहसीलों के माध्यम से राजस्व अभिलेख में दर्ज वक्फ की सम्पत्ति की व्योरा नहीं मिलने पर एक प्रारूप भर कर शासन को भेज दिया है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की मानें तो जनपद में सरकारी राजस्व अभिलेखों में 443 स्थानों पर कुल 94.2 हेक्टेयर जमीनों की देखरेख उनके जिम्मे है। इन पर राजस्व अभिलेख में 85 फीसदी पर कब्रिस्तान व शेष पर ईदगाह व मकतब के नाम दर्ज हैं। इन सभी 94.2 हेक्टेयर पर जमीनों सुन्नी बोर्ड द्वारा वक्फ की सम्पत्ति होने का दावा किया गया है।
दो माह पूर्व शासन स्तर से सरकारी रिकार्ड में दर्ज जमीनों का व्योरा मांगा गया था। शासन को 443 स्थानों पर 94.2 हेक्टेयर जमीनें सरकारी अभिलेख में दर्ज होने का जिक्र कर भेज दिया गया है। वक्फ बोर्ड की जिले में एक भी इंच जमीन सरकारी अभिलेख में दर्ज नहीं है।
-भरत लाल गोंड, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कुशीनगर
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