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बोले कन्नौज: जाम और गंदगी में खो रही वार्ड चार की पहचान

Kannauj News - कन्नौज के वार्ड नंबर चार की हालत बेहद खराब है। यहां टूटी सड़कें, चोक नालियां और जलभराव की समस्या है। लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था बदहाल है और जलनिकासी की समस्या के...

Newswrap हिन्दुस्तान, कन्नौजThu, 3 April 2025 12:25 AM
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बोले कन्नौज: जाम और गंदगी में खो रही वार्ड चार की पहचान

कन्नौज। कन्नौज के वार्ड नंबर चार की हालत बेहद खराब है। यहां टूटी सड़कें, चोक नालियां और जलभराव की समस्या है। इस मोहल्ले को बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। तीन दशक से ज्यादा समय से लोग यहां रह रहे हैं। शहर की प्रगति की रफ्तार भले ही तेज हो लेकिन इस मोहल्ले में आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए बाशिंदे तरस रहे हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान से बातचीत के दौरान मोहल्लेवासियों का दर्द उभरकर सामने आ गया। पेयजल साफ सफाई व बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से नहीं संचालित हो रही हैं। लिहाजा यहां के बाशिंदों को आए दिन समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। अक्सर पानी की कल्लित बनी रहती है । यहां लगे कई हैंडपंप या तो खराब हो चुके हैं या फिर गंदा पानी आता है। वहीं नगर पालिका की पेयजल सप्लाई भी अक्सर बाधित हो जाती है। जगह-जगह टूटी पाइप लाइनों से घरों में पहुंच रहे गंदे पानी से लोग परेशान हैं। इस पानी से बीमारी फैलने का अंदेशा बना रहता है। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था बदहाल है। धरातल पर कोई सुध लेने नहीं आता है। सबसे गंभीर समस्या यहां जलनिकासी को लेकर है। बारिश में यह समस्या और भी ज्यादा विकराल हो जाती है। लोगों को कई-कई दिनों तक अपने घरों में कैद होकर रहना पड़ता है। पालिका में कई बार शिकायत की गई पर अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं।

शहर का महाराणा प्रताप नगर वार्ड नंबर चार, शहर के बीच मौजूद अपनी बदहाली पर रोता नजर आता है। यहां के हालात देखकर ऐसा लगता है जैसे विकास कार्यों ने इस इलाके से मुंह मोड़ लिया है। टूटी सड़कों पर भरा गंदा पानी, जगह-जगह चोक नाले और नालियां लोगों की जिंदगी को मुश्किल बना रहे हैं। इलाके की मुख्य सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसमें लोग गिरते हैं और चोटिल होते हैं। मोहल्ले के लोग इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। बातचीत के दौरान रामपाल का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के जोर पकड़ने पर मोहल्ले की सफाई सुधरी थी पर कुछ दिनों बाद फिर से सफाई व्यवस्था पहले की तरह ध्वस्त हो चुकी है। यहां जाम और गंदगी से वार्ड चार अपनी पहचान खो रही है।

वार्ड में चार कॉलोनियां हैं। यहां की आबादी करीब आठ हजार और मतदाता करीब 4200 हैं। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नाले की सड़क से अधिक ऊंचाई है। जिसके चलते एक ओर जहां जाम की समस्या बनी हुई है वहीं दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। इसमे दो मोहल्ले मौसमपुर अल्लहड़ और बजरिया शेखाना में कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। संतराम ने बताया कि घरों के गंदे पानी के निकासी के लिए बनी नालियां अस्त-व्यस्त हो चुकी हैं। कई जगह धंस गई हैं तो कई जगह क्षतग्रिस्त पड़ीं हैं। नालियों की गहराई दो से तीन फिट तक है लेकिन नजर दौड़ाने पर ऊपर तक कूड़ा ही भरा दिखता है। इस कारण ज्यादा बारिश होने पर जलभराव झेलना पड़ता है।.... ने बताया कि पालिका की ओर से फॉगिंग करने के लिए जो गाड़ी भेजी जाती है वह बड़ी है, जबकि मोहल्ले की गलियां संकरी हैं। ऐसे में मोहल्ले की शुरुआत में एक-दो स्थानों पर फॉगिंग करने के बाद गाड़ी वापस चली जाती है। कई बार मांग की गई कि छोटी गाड़ी भेजी जाए पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गली के अंदर के मच्छरों को मारने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। जम्मिेदारों को फॉगिंग की व्यवस्था करानी चाहिए।

नालियों में जमा पड़ी सल्टि: मोहल्ले के रामनरायण ने बताया कि सल्टि जमा होने के कारण नाली बंद हो गई हैं। इनकी सल्टि निकालकर पानी की निकासी शुरू कराई जाए ताकि किसी दक्कित का सामना नहीं करना पड़े। वहीं, लालू का कहना है कि घर से बाहर निकलते ही उफनाती नाली के दर्शन होते हैं। इन लोगों को आयुष्मान कार्ड ,प्रधानमंत्री आवास योजना उजाला योजना का लाभ तो मिला है लेकिन अभी भी काफी लोग जागरूकता की कमी व शक्षिा के अभाव में इन लाभकारी योजनाओं से महरूम रह गए हैं। जिन लोगों को सरकारी आवास मिले भी हैं वे लोग अगली कस्ति के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि बिना घूस के कॉलोनी मिलना तो दूर अगली कस्ति भी नहीं आएगी। वहीं मोहल्ला बजरिया शेखाना की बात करें तो यहां भी कई गलियां खड्डा युक्त हैं। इतना ही नहीं गंदगी की समस्या यहां भी बनी हुई है।

जर्जर बिजली का पोल दे रहा हादसे को दावत

मौसमपुर अल्हड़ मोहल्ले में बिजली का एक खंभा जर्जर हो गया है और बड़े हादसे का कारण बन सकता है। खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है जिससे उसकी नींव बेहद कमजोर हो गई है। स्थानीय निवासियों में डर है कि यह पोल कभी भी गिर सकता है। जिससे जान-माल का गंभीर नुकसान हो सकता है ।

साफ सफाई पर नहीं दिया जाता ध्यान

वार्ड के लोगों का कहना है कि शायद ही कोई एसा मोहल्ला हो जहां साफ सफाई की व्यवस्था बेहतर हो। मोहल्ले में कई जगह गंदगी और कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। हम लोगों को अब इस गंदगी के बीच रहने की आदत पड़ने लगी है। अगर पालिका के अधिकारी इसपर ध्यान दें तो सूरत बदल सकती है। स्थानीय सभासद की उदासीनता की वजह से ही इस तरह की लापरवाही होती है।

शिकायतें

1. आधा दर्जन से ज्यादा

सड़कों की हालत जर्जर

होने के कारण जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं।

2. नियमित सफाई व्यवस्था नहीं होती है। कूड़ा-करकट खाली प्लॉटों में लोग फेंक रहे हैं जिससे दुर्गंध भी उठती है।

3. सफाई, सड़क, जलनिकासी जैसी असुविधाओं का लोग सामना करने को मजबूर हैं।

4. जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। मोहल्लावासी जलभराव से परेशान हैं।

5. पार्क नहीं बने हैं। लोगों को टहलने, बैठने या बच्चों के खेलने के लिए कोई

जगह नहीं है।

सुझाव

1. सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाए। कूड़ेदान रखवाएं। नियमित कूड़ा निस्तारण हो।

2. नाले के ऊपर से आवागमन के लिए पक्की पुलिया जनप्रतिनिधि अपनी निधि

से बनवा दें।

3. महीने में कम से कम एक बार पालिका के उच्चाधिकारी मोहल्ले का भ्रमण करें।

4. बड़े नाले को पक्का बनाया जाए। नालियों की मरम्मत की जाए, जिससे जलनिकासी की समस्या दुरुस्त होगी।

5. गलियों के गड्ढों को तुरंत भरकर जमीन समतल करा

दी जाए ताकि राहगीर परेशान न हों।

बोले बाशिंदे

फॉगिंग के लिए गाड़ी आती है जो मोहल्ले के बाहर एक-दो जगह छिड़काव करके चली जाती है।-प्रशांत

गलियों में कई जगह गड्ढे हो चुके हैं। आश्चर्य की बात है कि इनकी सालों से मरम्मत ही नहीं कराई गई है।-संतराम

मच्छरों को मारने के लिए दवा का छिड़काव नहीं कराया जाता। मच्छरों का भयंकर प्रकोप है। जल्द फॉगिंग कराएं। - धर्मेंद्र

बड़े नाले की छह महीने में कम से कम एक बार सफाई अवश्य कराई जाए। तभी जलनिकासी बेहतर होगी।-पिंटू

गलियों में आवारा जानवर घूमते रहते हैं। इससे बुजुर्गों को खतरा बना रहता है। हमला कर देते हैं। -लालू

मोहल्ले की गलियां बहुत संकरी हैं। इसमें बनी नालियों की सफाई महीनों से नहीं हुई है। इस कारण चोक हैं।-राजेश कुमार

बोले जिम्मेदार

पालिका के सफाई कर्मी सभी मोहल्लों में अपनी ड्यूटी के मुताबिक साफ सफाई करने पहुंचते हैं। अगर कहीं दक्कित है तो इसकी शिकायत करें कार्रवाई की जाएगी। पालिका के पास जो संसाधन उपलब्ध हैं उनसे नगर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है। - श्यामेंद्र मोहन चौधरी, ईओ पालिका

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