साहित्यकार एकलव्य की मनाई गई 86वीं जयन्ती
Jaunpur News - फोटो---17कवियों और शायरों ने एकलव्य की लिखी हुई पंक्तियां जव मैंने सुना एक गांव बढ़कर शहर हो गया, लगा गाय का ताजा दूध जहर हो गया की यादकर सराहना की। व
जौनपुर, संवाददाता। नगर के शास्त्रीनगर मोहल्ला स्थित वरिष्ठ साहित्यकार स्व. कृष्णकांत एकलव्य की उनके आवास पर शुक्रवार को 86वीं जयंती मनाई गई। जयंती समारोह में आए कवि और शायरों ने अपने-अपने गीत और गजलों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कवियों और शायरों ने एकलव्य की लिखी हुई पंक्तियां जव मैंने सुना एक गांव बढ़कर शहर हो गया, लगा गाय का ताजा दूध जहर हो गया की यादकर सराहना की।
वरिष्ठ कवि रामजीत मिश्र ने कहा कि एकलव्य जैसे कवि दुनिया में अकेले पैदा होते हैं। इनके जैसा कोई दूसरा नहीं होगा। इन्होंने अपनी रचना भूलने के लिए कह रहे हो मगर जी भी सकता नहीं भूल जाऊं अगर से अपनी स्वरांजलि दी। तैरते कागज की नाव निकले दादुर शुरु चुनाव व्यंग से अशोक मिश्र ने भी श्रद्धांजलि दी। गिरीश कुमार गिरीश ने उमड़ती हवा में नहीं है ख्यालों में चारो की महफिल जमी है न बहुत खूबसूरत है मौसम सुहाना, चले आइये आप की ही कमी है। डॉ. संजय सिंह सागर ने दिल के तारों को ऐसे ना छेडा करों, मन की मदिरा अभी ये छलक जायेगी। सुमित श्रीवास्तव झूमे झुलवा झकोर पिया जाए चित चोर, पड़े ठंडी सी कुहार झूमे अमवा की डोर से श्रोताओं का मनमोहा लिया। अध्यक्षता कर रहे अन्सार जौनपुरी ने कहा कि वक्त के माथे पे जो कुछ पढ़ रहा हूं मैं मगर यह झुठकी बाते कोई नादान क्या समझे। संचालन वरिष्ठ कवि अशोक मिश्र ने किया। एकलव्य फाऊंडेशन के प्रबन्धक सरोज श्रीवास्तव सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर बाबा धर्म पुत्र अशोक, श्याम रतन श्रीवास्तव, संजय अस्थाना, इन्द्रजीत मौर्या, प्रशांत विक्रम सिंह, मनोज गुप्ता, जय आनन्द, केके दुबे फौजी, क्षितिज श्रीवास्तव, विवके श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, मुन्ना जगमग, केदार नाथ, राज श्रीवास्तव, पुनीत श्रीवास्तव, डॉ. अपूर्व श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। आयोजक सरोज श्रीवास्तव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
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