योगी कॉरपोरेशन बना जालसाजी करने वाले गैंगस्टर का सरेंडर, बीजेपी नेत्री की शिकायत पर ऐक्शन
- गोरखपुर पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले दोनों आरोपितों के खिलाफ पिछले महीने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंग लीडर केदारनाथ योगी को बनाया गया था। गैंगस्टर की जांच गोरखपुर की गुलरिहा पुलिस कर रही है। 26 मार्च की शाम गैंगस्टर आरोपित हर्ष चौहान को पुलिस ने गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था।

योगी कारपोरेशन बनाकर जालसाजी करने वाले गैंग के लीडर महराजगंज जिले के रहने वाले केदारनाथ उर्फ योगी ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। वह लम्बे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गैंग के एक सदस्य हर्ष चौहान को पुलिस ने 26 मार्च को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजवा दिया था। पुलिस ने उसके गाजियाबाद स्थित घर से उसे पकड़ा था।
कानपुर नगर के सचेण्डी थाना क्षेत्र के गढ़ी भीमसेन की रहने वाली भाजपा की तत्कालीन मंडल मंत्री ने वर्ष 2023 में कैंट थाने में केदारनाथ उर्फ योगी केदारनाथ निवासी सतगुरु मजूरी थाना पनियरा जिला महराजगंज और हर्ष चौहान उर्फ योगी हर्षनाथ निवासी डी 179 स्वर्ण जयंतीपुरम जिला गाजियाबाद के खिलाफ धोखे में रखकर रुपये हड़पने और कूटरचित दस्तावेज बनाकर फर्जी पहचान पत्र बनाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामला गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण केस गोरखनाथ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया था। इस मामले में गोरखनाथ पुलिस ने धोखाधड़ी करने वाले दोनों आरोपितों के खिलाफ पिछले महीने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। गैंग लीडर केदारनाथ योगी को बनाया गया था। गैंगस्टर की विवेचना गुलरिहा पुलिस कर रही है। गत 26 मार्च की शाम गैंगस्टर आरोपित हर्ष चौहान को पुलिस ने गाजियाबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर 27 मार्च को गोरखपुर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं केदारनाथ उर्फ योगी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए आवेदन डाला था। मंगलवार को उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया।
15 साल से जालसाजी करता रहा है केदारनाथ
केदारनाथ योगी उर्फ केदार करीब 15 साल से जालसाजी कर रहा है। गांव से लेकर ब्लॉक, जिला मुख्यालय और अन्य जगहों पर उसने अपना नेटवर्क फैला रखा था। एक विधायक के आवास में रहकर वह लोगों का भरोसा जीतता था। लोग झांसे में आकर उससे जुड़कर काम के बदले रकम दे देते थे। लोगों को विश्वास में लेने केX लिए वह गोरखनाथ मंदिर में भी जाता था। वहां के लोगों से बेवजह बातचीत करते हुए अपनी पहचान का ढोंग रचता था। लोगों को अपनी संस्था का सदस्य बनाने के दौरान वह शपथ पत्र सहित अन्य दस्तावेज लेता था।
इस दौरान वह इस बात को लिखित रूप से लेता था कि जुड़ने वाले व्यक्ति के किसी आपराधिक मामले में शामिल होने पर सदस्यता रद हो जाएगी। किसी को जोड़ने के लिए वह तीन माह का वक्त लेता था। इस दौरान जांच प्रक्रिया पूरी करने का हवाला देकर वह लोगों से ठगी कर लेता था। उसका साथी हर्ष चौहान भी एक निजी कंपनी में काम करता था। बाद में वह बैंक मित्र हो गया था।
रंजना सिंह को कानपुर ग्रामीण का प्रभारी बनाते हुए जारी किया था आईकार्ड
योगी कारपोरेशन ऑफ इंडिया के कथित सीईओ और निदेशक के खिलाफ कानपुर, सचंडी के गढ़ी भीमसेन की रहने वाली रंजना सिंह ने कूटरचित तरीके से जालसाजी का केस दर्ज कराया है। रंजना सिंह भारतीय जनता पार्टी में मंडल मंत्री हैं। रोजगार सेवक व्हाट्सएप ग्रुप पर उनको कुछ दिन पहले एक लिंक मिला था। उस लिंक के माध्यम से वह योगी कारपोरेशन आफ इंडिया में जुड़ गईं। रंजना ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन बाद ग्रुप के संयोजक केदारनाथ ने फोन कर आधार कार्ड की कापी व फोटो और रुपये की मांग की।
महिला नेता को बताया गया कि उन्हें इस ग्रुप का कानपुर नगर का प्रभारी बनाया जा रहा है। ग्रुप में योगी नाम का इस्तेमाल किया गया था लिहाजा भरोसा करके उन्होंने दस्तावेज भेज दिया। इसके बाद कानपुर ग्रामीण प्रभारी के नाम से उनका पहचान पत्र व्हाट्सएप ग्रुप पर संस्था ने भेज दिया। फेसबुक पर उन्होंने पहचान पत्र को पोस्ट किया तो लोगों ने बताया कि यह फर्जी संस्था है। पहचान पत्र पर गोरखनाथ मंदिर का पता लिखा था। महिला भाजपा नेता रंजना सिंह की तहरीर पर कैंट पुलिस ने संस्था के सीईओ केदारनाथ और निदेशक हर्षनाथ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।
प्रदेश महामंत्री, भाजपा का बनाया था फर्जी आईकार्ड
अभियुक्त केदारनाथ खुद को भाजपा का प्रदेश महामंत्री भी बताता था। उसके पास से पुलिस ने प्रदेश भाजपा महामंत्री के रूप में बनाया गया एक फर्जी आईकार्ड भी बरामद किया था। इसके अलावा 87 आईडी कार्ड, 08 विभिन्न व्यक्तियों के नाम से जारी फर्जी आईडी कार्ड, तीन मुहर, 87 नियुक्ति प्रमाण पत्र, 83 लेटर पैड, 8 विभिन्न व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र, 02 मोबाइल फोन जिसमें अभियुक्त का फोनपे अपलोड है और विभिन्न लोगों से रुपये लिये जाने का विवरण मौजूद आदि बरामद किया था।