बोले इटावा: जाम से जूझ कर हांफ रहा जेवरों का बाजार
Etawah-auraiya News - बोले इटावा: जाम से जूझ कर हांफ रहा जेवरों का बाजार बोले इटावा: जाम से जूझ कर हांफ रहा जेवरों का बाजार
इटावा शहर के सराफा कारोबारी आकाश दीप जैन ने कहा कि मिडवे पार्किंग पर रोक न लगने से मार्केट में जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। सराफा मार्केट तक पहुंचने में ग्राहकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। पहुंच भी जाएं तो फिर वाहन खड़ा करने की समस्या से दो चार होना पड़ता है। इस समस्या का मुख्य कारण बाजार में खड़े होने वाले हाथठेले और नो एंट्री में भी ऑटो व ई-रिक्शा का चलना है। कारोबारी हरीश बताते हैं कि अंग्रेजों के जमाने की सराफा मार्केट होम गंज और इसके आस-पास छोटी बड़ी करीब 400 सराफा की दुकानें हैं। इनमें 10 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है और भारी भरकम टैक्स भी दिया जाता है बावजूद इसके यहां कदम-कदम पर दुश्वारियां हैं।
राजागंज रोड पर वन वे व्यवस्था लागू की जाए: कारोबारी रत्नेश वर्मा का कहना है कि राजागंज रोड भी वन वे होना चाहिए। राजागंज की ओर से आने वाले वाहन गाड़ीपुरा की ओर जाने चाहिए। तहसील चौराहा से आने वाले वाहन बजाजा लाइन होकर नगर पालिका चौराहा से पचराहा की ओर जाने चाहिए। इससे राजागंज रोड पर जाम नहीं लगेगा। वहीं होमगंज की ओर वन-वे होने के बाद भी चार पहिया वाहनों के अलावा ई-रिक्शा साबितगंज चौराहे की ओर से आ जाते हैं। जाम सहालग और त्योहारों के समय और बढ़ जाता है। पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
सीसीटीवी कैमरे खराब: कारोबारी नवीन अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे खराब होने से ऑपरेशन त्रिनेत्र पूरी तरह से फेल हो गया। कोई भी वारदात होने पर पुलिस सबसे पहले सराफा कारोबारियों के ही कैमरे खंगालती है। क्योंकि उन्हें पता होता है कि सराफा कारोबारियों के कैमरों की क्वालिटी बेहतर होती है। हालांकि सराफा कारोबारियों को पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है।
होमगंज की सुरक्षा निजी हाथों में: सराफा के सबसे बड़े मार्केट होमगंज में दुकानों के बाहर निजी सुरक्षा गार्ड लगे हैं। कारोबारी राजीव चंदेल का कहना है कि पुलिस से कोई सुरक्षा नहीं मिल रही और न ही कारोबारियों के असलहा लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। व्यापारी प्रकोष्ठ बैठक में इस पर कई बार बात की गई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। इससे व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
ऑनलाइन ठगी का हो रहे शिकार: हाल ही में दो ज्वैलर्स के साथ क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ठगी की गई, लेकिन पुलिस अब तक उन ठगों का पता नहीं लगा पाई है। वहीं तत्कालीन एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने सराफा कारोबारियों की दुकान पर रजिस्टर रखवाए थे। रजिस्टर को चेक करने के लिए प्रत्येक दिन पुलिस टीम आती थी,संदिग्ध लोगों पर नजर रखना भी आसान था। पुलिस को एक कैंप भी लगाना चाहिए, जिसमें बाहर से आने वाले और जनपद के सराफा कारीगरों का वेरीफिकेशन किया जा सके। इससे अवैध रूप से सोना-चांदी का व्यापार करने वालों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
दुकानदारों ने फुटपाथ तक कर रखा कब्जा : ज्वैलर्स प्रदीप वर्मा ने कहा कि होमगंज अव्यवस्थाओं की मार झेल रहा है। दुकानदारों ने फुटपाथ तक कब्जा कर रखा है। कहीं पर सड़क तक सब्जी की दुकानें लग जाती है। विशाल ने बताया कि नो एंट्री के बाद भी ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक मनमानी करते हैं। पुलिस और ट्रैफिक विभाग भी इस पर रोक नहीं लगाता है।
शहर के पांच स्थानों पर बनाएं पार्किंग
कारोबारी सुनील के मुताबिक, सात माह पहले प्रशासन ने पांच स्थानों पर वाहनों की पार्किंग बनाई थी। तिकोनिया बाजार के गांधी पार्क, तहसील के पीछे, पुरबिया टोला, रामलीला और नगर पालिका में वाहनों को पार्क किया जाता था। लेकिन प्रशासन पार्किंग व्यवस्था को बनाए रखने में नाकाम हो गया। मांग है कि बाजार में आने वाले वाहनों के लिए मेडिकल केयर यूनिट, गांधी पार्क और महिला अस्पताल में पार्किंग की सुविधा करनी चाहिए।
ऑनलाइन दामों पर न करें भरोसा
कारोबारी पारस जैन ने बताया कि ग्राहक ऑनलाइन रेट देखकर दुकान पर आता है। जिससे मतभेद हो जाते हैं। बहुत से यूट्यूबर अपने प्रचार के लिए कम रेट बताते हैं। बाजार में जब ग्राहक पहुंचता है तब उसे इस बात की जानकारी होती है। सराफा कारोबारियों की अपील है कि ऑनलाइन के चक्कर में न पड़कर वह दुकानों से सही रेट लिया करें। यहां उन्हें सही जानकारी मिलेगी साथ ही वह धोखाधड़ी में भी नहीं फसेंगे।
ई-रिक्शा व हाथठेलों से लग रहा जाम
कारोबारी अजय बोले कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या काफी बढ़ गई है, यातायात पुलिस व परिवहन विभाग इनके रूट भी निर्धारित नहीं कर पाया है। व्यापारियों ने कई बार यह मुद्दा पुलिस की बैठक में उठाया है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाथठेलों के लिए नियम है कि वह एक जगह रुककर अपना सामान नहीं बेच सकते। सबसे ज्यादा हाथठेले होमगंज और राजागंज में लगते हैं। नगर पालिका ई-रिक्शा के लिए भी रूट तय करें।
सुझाव--
1. पुलिस को बैंकों की तरह से सराफा की दुकानों पर रुटीन चेकिंग करनी चाहिए, साथ ही होमगंज के पास पिकेट भी
लगानी चाहिए।
2. व्यापारियों की बैठक में रखे गए मुद्दों पर काम होना चाहिए। जिससे शहर की समस्याओं को दूर किया जा सके।
3. सराफा कारोबारियों को अनिवार्य रूप से असलहा का लाइसेंस मिले। इसके लिए चक्कर न लगाने पड़े।
4. गांधी पार्क, जनाना अस्पताल व मेडिकल केयर यूनिट में पार्किंग बन सकती है।
4. सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि पुलिस को इन कैमरों से मदद मिल सकेगी।
समस्या--
1. शाम के समय सराफा कारोबारी दुकान बंद करके नकदी लेकर जाते हैं। इस दौरान पुलिस तैनात नहीं होती है। जिससे खतरा बना रहता है।
2. व्यापारियों की बैठक में बहुत से प्रस्ताव रखे जाते हैं। लेकिन इनपर जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता है।
3. शहर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से ज्वैलर्स और ग्राहकों को जाम से परेशान होना पड़ता है।
4. वन वे में उल्टी साइड से आने वाले ई-रिक्शा व चार पहिया वाहनों पर रोक लगनी चाहिए।
4. सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी कम होने से वारदातों को खोलने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
होमगंज में गोवंशों की संख्या बढ़ने से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। ग्राहक और व्यापारी परेशान हैं।
- मनोज जैन
कारोबारी दुकान पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों की एंट्री भी कराएं। इससे धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
-श्याम
वन नेशन वन रेट से सोने की कीमतों को एक समान करना है। इससे बाजार अधिक कुशल बनेगा।
- पारस जैन
शास्त्री चौराहा पर नौरंगाबाद जाने वाली सड़क पर बैरिकेडिंग है। इससे बाजार में ग्राहक नहीं आ पाते।
-अरविंद
साबितगंज में वाहनों के लिए नो एंट्री होनी चाहिए। इससे ज्वेलरी खरीदने आने वाले ग्राहकों परेशानी नहीं होगी।
-सुनील
सराफा बाजार में सफाई व्यवस्था पर पालिका को ध्यान देना चाहिए सीसीटीवी भी दुरुस्त कराएं।
-नवीन अग्रवाल
70 प्रतिशत ई-रिक्शा नाबालिग चला रहे हैं। इससे कई बार हादसे हुए हैं। इनका रुट भी निर्धारित हो।
- अजय
कई बार मिडवे पार्किंग खत्म कराने के लिए मुद्दा उठाया है। लेकिन इस पर रोक नहीं लगाई गई।
- आकाश दीप जैन
सराफा बाजारों में पुलिस फिर से रूटीन चेकिंग दोबारा शुरू करे तो वारदातों का खतरा नहीं रहेगा।
- विशाल
सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़नी चाहिए, साथ ही जितने कैमरे खराब हैं। प्रशासन उन्हें जल्द सही कराए।
-प्रियांशु
सराफा व्यापारी को शस्त्र लाइसेंस मिलने से वह अपनी और कर्मचारियों की सुरक्षा कर पाएंगे।
-राजीव चंदेल
कारीगरों को हॉलमार्क वाले जेवर बनाने का प्रशिक्षण लेना चाहिए। कारीगर भी रजिस्ट्रेशन करा व्यापार कर सकते हैं।
-हरीश
सराफा बाजार के व्यापारियों के साथ बैठककर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण कराया जाएगा। बाजार में खराब सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक कराएंगे। शस्त्र लाइसेंस के लिए विचार करेंगे। - संजय वर्मा, एसएसपी
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।