विज्ञान में कमाल कर रहे हैं देवरिया के मेधावी, फहरा रहे परचम
Deoria News - देवरिया के मेधावी विज्ञान में कमाल कर रहे हैं। अभिषेक कुमार डेटा साइंस में काम कर रहे हैं, नीतू कुमारी ने विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कार जीते, शक्ति सिंह ने बर्मिंघम में फेलोशिप पाई, और अंजलि पांडेय...
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देवरिया, निज संवाददाता। विज्ञान में देवरिया के मेधावी कमाल कर रहे हैं। कोई इंस्पायर अवार्ड जीत कर इनोवशेन में जुट गया है। तो कोई पीएचडी के जरिए शोधकार्य में जुटा हुआ है। किसी मेधावी बाल वैज्ञानिक पुरस्कार हासिल कर डेटा साइंस के क्षेत्र में कार्यरत है। वहीं कोई आईआईटी होते हुए लंदन के बर्मिंघम तक पहुंच गया है। यह मेधावी विज्ञान के क्षेत्र में दो कदम आगे बढ़कर कार्य कर रहे हैं।
डेटा साइंस में एनआईआईटी से पासआउट अभिषेक
राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक पुरस्कार से हासिल कर चुके अभिषेक कुमार डेटा साइंस में कमाल कर रहे हैं। जिले के बरियापुर थाना क्षेत्र के सरौरा गांव निवासी अभिषेक ने 2015 में राजकीय इंटर कालेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इस बीच 2014 में नेशनल इंस्पायर अवार्ड में चयनित हुए। 2016 में इनका चयन एनआईआईटी इलाहाबाद (अब प्रयागराज) में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रेड में हो गया। इसी बीच 2017 में अभिषेक को उत्तर प्रदेश सरकार ने बाल वैज्ञानिक पुरस्कार प्रदान किया। 2021 में पास आउट होने के बाद कैंपस सलेक्शन के जरिए अभिषेक ने एक कंपनी में चयन हुआ। एक वर्ष कार्य करने के बाद वह एक बड़ी एजुकेशन कंपनी में वह बतौर एनालिटिकल मैनेजर के रूप में कार्य कर रहे हैं। अभिषेक की मंशा डेटा साइंस में कुछ नया करने की है।
नीतू कुमारी ने हैंगिंग ब्रिज अलार्म सिस्टम बनाकर पाई तारीफ
राजकीय इंटर कालेज की छात्रा गौरीबाजार निवासी नीतू कुमारी ने रोपवे आर्किवल ब्रिज कैपेसिटी इंडक्टर मॉडल तैयार कर जिलास्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी 2022 में प्रस्तुत किया। इसमें उनका मॉडल जिले में प्रथम स्थान पर चयनित हुआ। मंडलीय विज्ञान प्रदर्शनी गोरखपुर में दिसंबर 2022 में भी नीतू कुमारी का मॉडल प्रथम आया। इसके बाद राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में नीतू का मॉडल चौथे स्थान पर रहा। इनके मार्गदर्शक रहे शिक्षक गोविंद सिंह ने बताया कि विज्ञान मॉडल के लिए नीतू ने इंडीकेटर का आईडिया बताया तो मुझे प्रासंगिक लगा। मैने उसको गाइड किया और वह पुरस्कार जीतने में सफल रही। नीतू वर्तमान में गोरखपुर विश्वविद्यालय से फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषय से बीएसएसी कर रही हैं। वह चौथे सेमेस्टर की छात्रा हैं।
आईआईटी से की पीएचडी शक्ति सिंह को बर्मिंघम में मिली फेलोशिप
राजकीय इंटर कालेज से 2010 में पास आउट शक्ति सिंह ने इंटर की पढ़ाई के बाद दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएसएसी से 2015 में पूरी किया। इसके बाद 2017 में फिजिक्स में एमएससी की पढ़ाई किया। इसके बाद शक्ति सिंह ने 2018 में जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए क्वालिफाई किया। 2019 में इनको इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी रुड़की में आप्टिक्स में रिसर्च करने का अवसर मिला। सितंबर 2024 में इनको पीएचडी की डिग्री अवार्ड हो गई। इसके बाद शक्ति को एस्टॉन विश्वविद्यालय बर्मिंघम, यूके से पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप मिल गई। अब शक्ति सिंह यूके जाने की तैयारी में हैं। उनका इरादा भौतिकी क्षेत्र में कुछ अलग कर देश का नाम रोशन करने का है।
इंस्पायर फेलोशिप पाकर किया गणित में रिसर्च
शहर के राघव नगर निवासी भृगुनाथ पांडेय की बेटी अंजलि पांडेय ने भी विज्ञान विषय में पढ़ाई कर इंस्पायर स्कालरशिप से लेकर फेलोशिप तक सफर तय किया है। इन्होंने 2013 में कस्तूरबा बालिका राजकीय इंटर कालेज से इंटर की पढ़ाई पूरी की। इंटर में 89 प्रतिशत अंक पाकर इंस्पायर योजना के तहत स्कालरशिप पाया। इसके बाद अंजलि ने दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से बीएससी किया। इसके बाद गणित में एमएससी किया। अपनी मेधा के दम पर अंजलि ने इसी विश्वविद्यालय से गणित विषय में ही पीएचडी शुरू किया। इस बीच इनको पांच लाख रूपये वार्षिक फेलोशिप के तौर पर मिलता रहा। वर्ष 2024 में अंजलि को पीएचडी अवार्ड हो गई। अंजलि का सपना प्रोफेसर बनना है।
विज्ञान में नवाचार के जरिए जीवन को दिया मुकाम
शहर के भुजौली कालोनी निवासी मोहम्मद अजीज के पुत्र अब्दुल कलीम ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में इनोवेशन से अपनी पहचान बनाया है। अब्दुल कलीम ने नवाचारी बुद्धि से स्वचालित सिंचाई प्रणाली तैयार किया। इसके लिए राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने टॉप 30 नेशनल इनोवेशन अवॉर्ड (2009) से सम्मानित किया था। उनकी रचनात्मक सोच और सामाजिक योगदान को पहचानते हुए उन्हें 2014 में राष्ट्रपति भवन में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के समक्ष अपने नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। अब्दुल कलीम को सत्र 2008-09 विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा नव-अन्वेषक सम्मान से सम्मानित। शॉर्ट सर्किट अलार्म" (2011) के लिए इंडिया साइंस बुक रिकॉर्ड में चयन। अब्दुल कलीम ने इंस्पायर साइंस कैंप 2012 और 2013 में रिसोर्स पर्सन के रूप में कार्य किया। अभी अब्दुल बेटेक्स एनर्जी प्रा. लिमिटेड में लिथियम बैटरी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आर एंड डी विभाग में कार्यरत हैं। उनके अनुसंधान का उद्देश्य इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज के लिए कुशल और दीर्घकालिक बैटरियों का निर्माण करना है।
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