शिक्षकों और कर्मियों का पदावनत करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन
Chandauli News - चंदौली में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के नेतृत्व में शिक्षकों ने बीडीओ से मिलकर पदावनत के आदेश को वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी की गई...
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चंदौली। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के नेतृत्व में शिक्षकों और कर्मचारियों का प्रतिनिधमंडल गुरुवार को प्रभारी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से उनके कार्यालय में मिला। इस दौरान ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं से अवगत कराते हुए बीते छह फरवरी को पदावनत के संबंध में जारी की गई कार्यालय आदेश को तत्काल वापस लिए जाने की मांग किया। चेताया कि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन करने को विवश होंगे। इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष महेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में 15 नवंबर 1997 से 28 अप्रैल 2012 तक कार्यरत सभी वर्ग के शिक्षकों एवं कर्मियों की पदोन्नति पूर्ण हो चुकी है। इसलिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति के शिक्षकों और कर्मचारियों का पदावनत करना न्याय संगत नहीं है। क्योंकि शासनादेश के क्रम में ही सभी पदोन्नति कर वेतन प्राप्त कर रहे हैं। उनका पदोन्नति संविधान में प्रदत्त समानता के मौलिक अधिकार अनुच्छेद में दिए गए प्रमोशन में आरक्षण के तहत हुआ है। इसलिए उनका पदावनत करना उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। इस मौके पर रवि कुमार, मनोज कुमार, संजीत भारती, गिरीश चंद, विनोद कुमार, शशि कुमार, जय प्रकाश, अजय कुमार, प्रभुनारायण, राजू राव अम्बेडकर, मिथिलेश, रामदयाल, नीरज कुमार, राधेश्याम, डा. दिनेश कुमार, डा. सुरेश अकेला, गौतम कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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