बुलंदशहर: मां कात्यायनी की पूजा की पूजा अर्चना को मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
Bulandsehar News - जिले के विभिन्न मंदिरों में गुरुवार को मां कात्यायनी की पूजा की गई। भक्तों ने रोग मुक्त रहने की कामना की। बुलंदशहर के मंदिरों में मां कात्यायनी के स्वरूप को सजाया गया। कात्यायन ने भगवती पराम्बा की...

जिले के विभिन्न स्थानों पर स्थित मंदिरों में गुरुवार को दुर्गा मैया के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की गई। भक्तों ने रोग मुक्त रहने की मनोकामना की। बुलंदशहर के राजराजेश्वर मंदिर, भवन देवी मंदिर, खुर्जा के श्रीनव दुर्गा शक्ति मंदिर सहित जिले के सिकंदराबाद, स्याना, शिकारपुर, अनूपशहर आदि स्थानों पर स्थित मंदिरों में मैया को मां कात्यायनी के स्वरूप में सजाया गया। नव दुर्गा शक्ति मंदिर के आजीवन सचिव रोहित अग्रवाल ने बताया कि कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना कर कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। इसलिए उनका नाम कात्यायनी हुआ। मैया की उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। मैया की चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मां के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इनका वाहन सिंह है। मंदिरों में मैया के कात्यायनी स्वरूप के दर्शनों के लिए कतारें लगी रहीं। भक्तों की बढ़ती कतारों को देख पुलिस बल भी मंदिरों के निकट तैनात रहा। वहीं, मंदिर समिति की ओर से भी भक्तों के लिए उचित व्यवस्था की गई।
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