बोले बांदा:नीचे जाम, ऊपर जर्जर तार.. उजड़ रहा बाजार
Banda News - बांदा में किराना दुकानदारों का कहना है कि बाजार में लगने वाला जाम उनके कारोबार के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। पहले आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक आते थे, लेकिन अब जाम और पार्किंग की कमी के कारण...
बांदा। किराना दुकानदारों का कहना है कि बाजार में आए दिन लगने वाला जाम आफत बन चुका है। कारोबारी दीपक गुप्ता, रईस और राजू कहते हैं कि बाजार की सड़कों पर हर रोज जाम और सिर पर लटकते बिजली के जर्जर तार किराना बाजार को उजाड़ रहे हैं। पहले शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग किराने के सामान की खरीदारी के लिए आते थे। इससे दुकानों में दिनभर भीड़ लगी रहती थी। अब तो त्योहार के समय ही भीड़ लगती है। जाम से आवागमन में समस्या के कारण दूरदराज के ग्राहक बाजार आने से परहेज करने लगे हैं। दुकान में सामान मंगवाने में भी परेशानी होती है। यहां सामान अनलोड करना तक एक समस्या बन गया है। ये दुश्वारियां आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान से किराना कारोबारियों ने बयां कीं।
शहर में महेश्वरी देवी मंदिर से चौक बाजार, कैथी बाजार तक करीब 400 से अधिक किराना की थोक व फुटकर दुकानें हैं। इन दुकानों की आमदनी पर तीन हजार से अधिक लोगों का भरण-पोषण टिका है। बढ़ती महंगाई में बढ़ने की बजाए यहां के किराना दुकानदारों की आमदनी घट रही है। दुकानदारों ने कहा कि इसकी बड़ी वजह जाम और पार्किंग न होना है। नवल और संतोष का कहना है कि पहले यहां आसपास के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी ग्राहक किराना आदि सामान की खरीदारी के लिए आते थे। इससे अच्छी आमदनी होती थी। स्टाफ भी बढ़ाया था, पर अब ऐसा नहीं है। हमारी दुकानदारी की गाड़ी जाम में ही फंसी हुई है आखिर कैसे मंजिल मिलेगी कुछ पता नहीं।
अफसर-जनप्रतिनिधि समस्या पर नहीं देते ध्यान: किराना कारोबारियों ने बताया कि पहले बाजार में किराना का रोजाना लाखों का व्यवसाय होता था। पर अब व्यापार सिमट रहा है। दुकानें खोलने से बंद करने तक जाम लगता है। अतिक्रमण और जाम की समस्या से निजात के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक फरियाद कर चुके हैं। जब कभी अफसर जागते हैं तो अतिक्रमण लेकर अभियान चलाते हैं, कुछ दिन जाम से राहत रहती है। दोबारा फिर वही स्थिति हो जाती है।
ई-रिक्शा की फौज दिनभर परेड करती: नवल और अखिलेश गुप्ता ने बताया कि बाजार में अतिक्रमण के साथ ही जाम की दूसरी बड़ी वजह ई-रिक्शा हैं। बाजार के बीच ई-रिक्शा की फौज दिनभर सक्रिय रहती है। गलियों तक में ई-रिक्शा घुस जाते हैं। इससे ग्राहकों का पैदल चलना भी दूभर रहता है।
बोले कारोबारी
पहले कारोबार अच्छा होता था, लेकिन अब तो त्याहारों में भी दुकानों पर भीड़ नहीं लगती। -हामिद
कई बार प्रशासन से शिकायत कर समस्या का निस्तारण करने की मांग की पर कुछ न हुआ। -अरमान
समस्याओं के बढ़ने से कारोबार सिमटने लगा है। आमदनी पर भी खराब असर पड़ रहा है। -जहीर
अब पर्व और त्याहारों में भी पहले सी दुकानदारी नहीं होती है। पार्किंग न होने से जाम परेशान करता है। -हसन
बोले जिम्मेदार
सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला का कहना है कि बाजार में व्यापारियों की सभी समस्याओं का जल्द ही कोई न कोई हल निकाला जाएगा। जाम और अतिक्रमण की समस्या के लिए बाकायदा अभियान चलाकर बाजार को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
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