बोले बांदा: हमारे हुनर को दें हिफाजत की गारंटी..फिर देखें कमाल
Banda News - बांदा में ब्यूटी पार्लर संचालिकाएं सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बाहर शोहदों का जमावड़ा और देर रात लौटने पर छेड़छाड़ की घटनाएं आम हो गई हैं। इसके कारण महिलाएं काम करने से मना कर रही हैं। स्थानीय बाजार...
बांदा। शादी-ब्याह हो या तीज-त्योहार। खूबसूरत नजर आना हर महिला की पहली पसंद होती है। आकर्षक दिखने के जुनून ने ब्यूटी पार्लर स्टार्टअप को शहर से लेकर गांवों तक फैला दिया है। हर साल कई महिलाएं इस प्रोफेशन से जुड़ रही हैं, लेकिन करियर नहीं बना पा रहीं क्योंकि ब्यूटी पार्लर के बाहर शोहदों का जमावड़ा अक्सर लग जाता है और इसकी भनक परिजनों को लगती है तो वे काम पर जाने से साफ मना कर देते हैं। ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिलाओं में सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। यह बात आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान से ब्यूटी पार्लर चलाने वाली और उसमें काम करनेवाली युवतियों-महिलाओं ने कही।
एक ब्यूटी पार्लर संचालिका ने बताया कि इस क्षेत्र से जुड़े आठ साल हो चुके हैं। पहले तिंदवारी में अपने मायके से ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। शादी के बाद ससुराल के सहयोग से बलखंडीनाका में ब्यूटी पार्लर खोला। आज लग्जरी सैलून संचालित करती हूं। रूबी गुप्ता और अर्चना सिंह कहती हैं कि पहले के मुकाबले अब चुनौतियां बहुत हैं। ट्रेंड स्टाफ की कमी से जूझना पड़ता है। इसके पीछे सेफ्टी इश्यू बड़ी वजह है। लड़कियां सीखने के लिए आती हैं। सीखने के बाद उनके घरवाले काम करने से मना कर देते हैं। पूछने पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हैं क्योंकि हमारे ब्यूटी पार्लर के बाहर अक्सर लगने वाला शोहदों का जमावड़ा, शादी समारोह से देर रात लौटने के दौरान छेड़छाड़ आदि की घटनाएं आम हो चली हैं। ये घटनाएं कहीं न कहीं इस प्रोफेशन के आगे बढ़ने में रुकावट बन रही हैं। बाजार में महिलाओं के लिए अलग शौचालय नितांत जरूरी है। बातचीत के दौरान रूबी समेत कई ब्यूटीशियन ने कहा कि हमारे हुनर को हिफाजत मिले तो हम कमाल कर सकते हैं। बताया कि बलखंडीनाका क्षेत्र में 10 से अधिक ब्यूटी पार्लर हैं। अधिकतर किराए की दुकानों में संचालित हैं। जहां शौचालय आदि की व्यवस्था नहीं है। बाजार में भी महिलाओं के लिए अलग से कोई शौचालय नहीं है। रामलीला ग्राउंड के पास एक सामुदायिक शौचालय है लेकिन वहां गंदगी इतनी होती है कि कुछ देर रुक तक नहीं सकते हंै। साफ-सफाई का अभाव रहता है।
ऑनलाइन परिवहन नेटवर्क कंपनियों की जरूरत: जनपद में एक भी ऑनलाइन परिवहन नेटवर्क कंपनी नहीं है। शादी-ब्याह में अक्सर दुल्हन को सजाने में देर रात हो जाती है। ऐसी स्थिति में घर लौटने के लिए परिवार के किसी सदस्य को बुलाना पड़ता है या फिर दिन होने तक इंतजार करना होता है। जनपद में ऑनलाइन परिवहन नेटवर्क कंपनियों की नितांत जरूरत है। इसके अभाव में आने-जाने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ता है। रात 10 बजे के बाद कोई साधन नहीं मिलता है। साफ तौर पर कहें तो कारोबार में यह मुद्दा बड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम ऐसे होने चाहिए जो कारोबार को हर हालात में करने का महौल दे। देर रात काम के बाद घर लौटने की दिशा में कोई अड़चन न हो और बेखौफ होकर सड़क पर अकेले निकल सकें।
बोलीं ब्यूटीशियन
सरकारी नौकरियों में भी अवसर मिलने चाहिए। सहालग में अच्छी आमदनी होती है। बाकी दिनों में घर चलाना मुश्किल रहता है। - नंदनी
प्रोफेशन कई परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा है। सीजन में तो ठीक आमदनी हो जाती है। बाकी दिनों में दिक्कत होती हैं। -श्रद्धा गुप्ता
ग्राहक को सुविधाएं तो उच्चस्तर की चाहिए, पर दाम नहीं देते हैं। स्टाफ का खर्च निकाल पाना भी मुश्किल रहता है। -वैष्णवी
बिना सर्टिफिकेट पार्लर संचालन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। कस्टमर को समस्याएं होती हैं। -प्रिनिती गुप्ता
बोले जिम्मेदार
एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार कहते हैं कि ब्यूटी पार्लर संचालक महिलाओं को किसी किस्म की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। पूरा प्रयास होगा कि शादी वगैरह से रात के वक्त लौटने पर महिलाओं-युवतियों को किसी किस्म की दिक्कत नहीं हो। इसके लिए प्रयास होंगे कि शादी विवाह स्थलों के पास देर रात तक पुलिस की मौजूदगी रहे। जिम्मेदारों से बात कर बाजारों में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय बनवाने के बाबत भी सभी प्रयास किए जाएंगे, ताकि उन्हें दिक्कतें न हों।
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