बोले आगरा: बटेश्वर में अंतिम सफर की भी कठिन है डगर
Agra News - बटेश्वर के शमशान घाट की स्थिति बेहद खराब है। यहां अंतिम यात्रा के दौरान लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, पेयजल और बैठने की व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों ने...

बाह। ब्रज की काशी कहे जाने वाले तीर्थ बटेश्वर में शमशान घाट के हालात बेहद खराब हैं। यहां जिंदगी का आखिरी सफर बदहाली और अव्यवस्थाओं से भरा हुआ है। जबकि यह स्थान तीर्थ स्थल होने की वजह से विशेष धार्मिक महत्व रखता है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर क्षेत्र का धार्मिक वैभव बढ़ा रही है। तहसील भर के लोग परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए मोक्षदायिनी यमुना के तट पर पुण्यलाभ अर्जित करने बटेश्वर में बने मोक्षधाम पर पहुंचते हैं। लेकिन यहां समस्याओं का ऐसा मकडजाल उनको घेर लेता है। बटेश्वर ही नहीं बल्कि आस-पास के क्षेत्रों के लोगों ने मोक्षधाम के जीर्णोद्वार की मांग जोर-शोर से उठायी है।
बटेश्वर के मोक्षधाम तक पहुंचने का मार्ग कच्चा है। .यह बारिश के दिनों में दलदली हो जाता है। आम दिनों में रेतीले शमशान घाट क्षेत्र में शौचालय, पेयजल व्यवस्था तथा बैठने के स्थान तक नहीं है। यहां अपनों को कांधा देने आए लोग धूप से परेशान हो उठते हैं। कई दफा चक्कर आकर अचेत हो जाते हैं। बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। आपके अखबार हिन्दुस्तान के बोले आगरा संवाद के तहत स्थानीय लोगों ने कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई है। संवाद के दौरान बटेश्वर के समाजसेवी राम सिंह आजाद बदहाल शमशान घाट को लेकर कहते हैं कि जल्द ही इसका जीर्णोद्धार हो। ताकि यहां लोगों को आखिरी सफर में मुश्किलों का सामना ना करना पड़े। शमशान घाट की बदहाली शासन-प्रशासन को आइना दिखाती है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मामले का गंभीरता से संज्ञान लेकर आखिरी सफर की दिक्कतों को दूर कराएं। संवाद के दौरान कहा गया कि करोड़ों रुपये से बटेश्वर तीर्थ में विकास कार्य चल रहे हैं। लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बीहारी वाजपेई के गांव के शमशान घाट की बदहाली दूर नही हो पाई है। शासन-प्रशासन को इस ओर भी देखना चाहिए। शमसान घाट मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त हों। मोक्षधाम का भी जीर्णोद्वार हो। मुख्य रास्ते के पास बहता है गंदा पानी शमशान के घाट का कच्चा रास्ता शुरू होते ही जलभराव की सामना करना पड़ता है। यहां नालियों का गंदा पानी मुख्य सड़क पर बहता है, जिससे यहां पहुंचने वाले लोगों को गुजरना पड़ता है। सड़क पर नालियों के बहते पानी से आम श्रद्धालु भी परेशान नजर आते हैं। शमसान घाट में वन विभाग का रोड़ा बाह। बदहाल शमसान घाट पर नवनिर्माण और जीर्णोद्धार पर वन विभाग रोड़ा बना हुआ है. बताते चलें कि यह जमीन वन विभाग वन्य जीव क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस वजह से यहां निर्माण पर रोक है। इनकी पीड़ा.... 1. शमशान घाट जैसे स्थान भी बदहाली के शिकार हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। जल्द से जल्द बटेश्वर का शमशान घाट का जीर्णोद्धार कर विकसित किया जाए। जिससे आखिरी सफर की मुश्किले दूर हो सकें । हरिओम पांडेय अध्यक्ष बार एसोसिएशन बाह 2. शमशान घाट से सटे मिट्टी के टीले हादसे को दावत दे रहे हैं। यह बारिश के समय में बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। पहले भी टीले धसक चुके हैं लेकिन हादसा टल गया था। लेकिन शासन प्रशासन का ध्यान इस ओर नही है। दयाशंकर बौहरे 3. बटेश्वर श्मशान घाट की मूलभूत समस्या तो यहां तक पहुंचने का रास्ता है। थोड़ी से बारिश में भी यह रास्ता दलदली हो जाता है। शमशान घाट के यमुना घाट का सौंदर्यीकरण करकर तारबंदी कराई जाए। पानी की उचित व्यवस्था कराई जाए। राम सिंह आजाद 4. शमशान घाट का सौंदर्यीकरण हो। यहां तक के रास्ते की समस्या को दूर कराया जाए। अटल के गांव के शमशान घाट की दुर्दशा विकास कार्यो पर सवाल खड़े कर देती है। राकेश वाजपेई पुरोहित 5. बटेश्वर का शमशान घाट आखिरी सफर की पीड़ा की कहानी कहता है। शासन प्रशासन यहां की दिक्कतें को दूर करे। प्रदेश शासन व तहसील प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। श्रीराम 6. बटेश्वर के शमशान घाट के हालात बेहद खराब हैं। यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इनको दूर करने की आवश्यकता है। टिन शेड व प्याऊ की व्यवस्था हो। गुड्डू दुबे 7. शमशान घाट का जीर्णोद्धार होना चाहिए। यहां के हालात दयनीय हैं। प्रशासन तमाम शिकायतों के बाद भी नजरंदाज कर रहा है। जबकि लोकहित का कार्य तुरंत होना चाहिए। एङ अनिल गुप्ता 8. भोले की नगरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां तहसील भर के लोग अपनों की अंतिम क्रिया के लिए पहुंचते हैं। लेकिन यहां के हालात बेहद खराब हैं जिसको जल्द दूर कराया जाये। जिससे लोग असहनीय पीड़ा से बच सकें । लटूरी यादव 9. शमशान घाट के लिए पक्का रास्ता तक नहीं है। बारिश के दिनों में मार्ग दलदली हो जाता है। कई बार अर्थियां गिरने तक की नौबत आ चुकी है। सचिन जादौन 10 बटेश्वर शमशान घाट का विशेष महत्व है। यह तीर्थ नगरी है। भोले की नगरी है। लेकिन विडम्बना देखिए कि यहां हालात बेहद खराब है। और जिम्मेदार मौन हैं। आचार्य विजेंद्र पाराशर 11. बटेश्वर में अंतिम सफर भी बड़ा कठिन हो गया है। प्रशासन इस समस्या को दूर कराए। ताकि लोग परेशानी से बच सकें। पहुंच मार्ग भी मरम्मत कार्य होना चाहिए। संत सियाराम दास जी महाराज 12. बटेश्वर में अंतिम क्रिया को पहुंचने वाले लोग परेशान होते हैं। प्रशासन मामले को संज्ञान में ले। जल्द से जल्द शमशान घाट का जीर्णीद्धार कराए। यहां दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं। डोरीलाल
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।