Indian Air Force Agniveervayu: भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर वायु सेवन के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर 8 जुलाई, 2024 को रजिस्ट्रेशन शुरू किया। जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं.
विमान निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की ओर से पहला विमान 2024 में सौंपे जाने की उम्मीद है। इसके बाद इंडियन एयरफोर्स एलसीए एमके-1ए स्क्वाड्रन का निर्माण शुरू कर देगी।
मिग-21 स्क्वाड्रन ने लगभग 6 दशकों तक देश की सेवा की है और भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान युद्ध प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्क्वाड्रन 1966 से मिग-21 का संचालन कर रहा है।
मिग-21 विमान साल 1966 से भारतीय वायुसेना में सर्विस दे रहे थे। मिग-21 ने 1963 में ट्रायल के आधार पर वायुसेना में एंट्री ली थी। यह 1970 से लेकर 2000 के मध्य तक भारत के लड़ाकू बेड़े की रीढ़ रहा।
Agniveer Army: जून 2016 में ही भारतीय वायुसेना ने महिलाओं की लड़ाकू भूमिका में नियुक्ति की शुरुआत कर दी थी। उस दौरान वायुसेना में तीन महिला अधिकारी लड़ाकू पायलट के तौर पर शामिल हुईं थीं।
Iron Dome: हमास के साथ युद्ध के बीच इजरायल का आयरन डोम काफी चर्चा में रहा। दरअसल, यह एक बैटरी की सीरीज है जो रडार के इस्तेमाल से शॉर्ट रेंज रॉकेट्स का पता लगाती है और उन्हें खत्म कर देती है।
Vayu Sena: भारतीय वायुसेना और प्रेस इंफर्मेशन ब्यूरो यानी PIB ने इसे फर्जी न्यूज करार दे दिया है। सेना का कहना है, 'यह जानकारी सही नहीं है और अफवाहें फैलाने के इरादे से पोस्ट की गई है।'
IAF ने S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन के लिए एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए थे। इनमें से तीन यूनिट समय पर प्राप्त हो गईं लेकिन दो स्क्वाड्रन की आपूर्ति अभी तक नहीं की गई है।
ब्राइट स्टार युद्ध अभ्यास में भारतीय वायुसेना के दल में पांच मिग-29, दो आईएल-78, दो सी-130 और दो सी-17 विमान शामिल हैं। इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के गरुड़ विशेष बल के कर्मी भी शामिल हैं।
छह दशक पुराने रूसी फाइटर जेट मिग-21 की जगह लेने के लिए सरकरा फाइटर जेट तेजस के नए वर्जन का चयन करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत नए वर्जन वाले 100 तेजस विमान का ऑर्डर दिया जा चुका है।