मेवाड़ के 77वें महाराज बने लक्ष्यराज सिंह,उदयपुर में शाही अंदाज में हुआ गद्दी तिलक
- मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का आज उदयपुर सिटी पैलेस में राज्याभिषेक हुआ। राज्याभिषेक के बाद लक्ष्यराज सिंह आज से मेवाड़ के 77वें महाराज के रूप में जाने जाएंगे।

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ के पुत्र लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ का आज उदयपुर सिटी पैलेस में राज्याभिषेक हुआ। राज्याभिषेक के बाद लक्ष्यराज सिंह आज से मेवाड़ के 77वें महाराज के रूप में जाने जाएंगे। बीते दिनों उनके पिता अरविंद सिंह मेवाड़ के निधन के बाद यह स्थान खाली हो गया था। आज पूरे राजकीय विधि विधान के साथ लक्ष्यराज सिंह की ताजपोशी हुई है।
मेवाड़ के 77वें महाराज बनने के बाद लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि हमारे कुल गुरु ने स्वयं आशीर्वाद दिया। उनका आशीर्वाद मेवाड़ के साथ रहा है। मुझे खुशी है कि वही आशीर्वाद मिला। हमारे पूर्वजों ने 1500 वर्षों से लोगों की सेवा की है, मैं भी वही करने की कोशिश करूंगा। मुझे खुशी है कि मुझे 21वीं सदी में यह अवसर मिल रहा है।
मेवाड़ कुल गुरु बागीश कुमार गोस्वामी ने इस खास अवसर पर कहा कि यह खुशी की बात है कि उदयपुर की 'भक्ति' और 'शक्ति' की भूमि पर 77वें श्रीजी मेवाड़ का 'गद्दी तिलक' हुआ। मैं 77वें महाराज लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को बधाई देना चाहता हूं,उम्मीद है कि वह 'धर्म','राष्ट्र','सनातन'की रक्षा में योगदान देंगे। मैं सभी को बधाई देता हूं।
उदयपुर के सिटी पैलेस में हुए इस पूरे कार्यक्रम में सबसे पहले सिटी पैलेस के आंगन में एक धार्मिक यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके बाद,सुबह 9:30 बजे गद्दी उत्सव की शुरुआत हुई,जो दोपहर 1:30 बजे तक चला यह पूरा कार्यक्रम सिटी पैलेस के राजमहल में आयोजित किया गया था। दोपहर 3:15 बजे,अश्व पूजन की प्राचीन परंपरा का पालन किया गया। इसके बाद शाम 4:20 बजे,मेवाड़ की परंपरा के अनुसार,लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने एकलिंगजी महादेव के दर्शन किए। शाम 7 बजे शहर के हाथीपोल गेट पर पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। रात 8:15 बजे,भाईपा और सरदारों की रंग पलटाई दस्तूर की रस्म पूरी होगी। अंत में रात 9 बजे जगदीश मंदिर के दर्शन के लिए लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ जाएंगे।