DCP वेद प्रकाश सूर्या को ऐसा क्या पता है जो कोर्ट को नहीं, जांच की जाए; दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आदेश
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को तत्कालीन डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या से भी पूछताछ करने का निर्देश दिया है कि कपिल मिश्रा इलाके में कब मौजूद थे और 23 फरवरी, 2020 को उन दोनों के बीच क्या हुआ था।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली भाजपा नेता और रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा की दंगों में कथित भूमिका को लेकर आगे की जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने तत्कालीन डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या से भी पूछताछ करने का निर्देश दिया है कि कपिल मिश्रा इलाके में कब मौजूद थे और 23 फरवरी, 2020 को उन दोनों के बीच क्या हुआ था। यह निर्देश मोहम्मद इलियास द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया गया है, जिसमें कर्दम पुरी रोड पर मुसलमानों और दलितों के ठेले को नुकसान पहुंचाने की घटना के संबंध में कपिल मिश्रा और उनके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
एसीजेएम वैभव चौरसिया ने मंगलवार को आदेश दिया, "प्रस्तावित आरोपी (कपिल मिश्रा) और उसके साथियों के खिलाफ केवल पहली घटना के संबंध में आगे की जांच शुरू की जाए और शिकायतकर्ता द्वारा संज्ञेय अपराध का खुलासा किया गया है।" अदालत ने यह भी कहा कि यदि सूचना झूठी पाई जाती है, तो दिल्ली पुलिस शिकायतकर्ता के खिलाफ धारा 182 आईपीसी (बीएनएसएस की धारा 217) के तहत आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि आदेश की एक अतिरिक्त कॉपी डीसीपी उत्तर-पूर्व को भेजी जाए ताकि उसे तत्कालीन डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या को भेजा जा सके। एसीजेएम ने कहा, "घटनाओं की सीरिज से पता चलता है कि शायद, अगर शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या को कुछ ऐसा पता है जो इस न्यायपालिका को नहीं है।"
कोर्ट ने निर्देश दिया, "डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या से पूछताछ की जाए, क्योंकि शिकायतकर्ता का यह कर्तव्य है कि वह यह खुलासा करे कि डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या को एक जांच अधिकारी की मदद से सड़कों पर घूमते हुए किसने यह कहते हुए सुना है कि यदि आप विरोध प्रदर्शन बंद नहीं करते हैं, तो परिणाम यह होगा कि आप सभी मारे जाएंगे।" अदालत ने निर्देश दिया, "एक बार प्रथम दृष्टया यह स्थापित हो जाने पर, डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या से प्रस्तावित आरोपी (कपिल मिश्रा) की उपस्थिति और उनके बीच क्या बातचीत हुई, इस बारे में पूछताछ की जाएगी। 16.04.2025 को या उससे पहले डीसीपी उत्तर-पूर्व के समक्ष आदेश के अनुपालन हेतु प्रस्तुत किया जाए।"