राज्यसभा: नये विधेयक से विमान पट्टा उद्योग को मिलेगी मजबूती: नायडू
भारत ने विमान संपत्तियों से जुड़े हित संरक्षण विधेयक, 2025 को मंजूरी दी है। इस विधेयक से भारतीय विमान पट्टा उद्योग को मजबूती मिलेगी और बैंकिंग परिवेश सुदृढ़ होगा। यह कानून केप टाउन समझौते के लिए...

- विमानन परिसंपत्तियों से जुड़े विवाद के समाधान के प्रावधान वाला विधेयक मंजूर नई दिल्ली, एजेंसी। नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि विमान संपत्तियों में हित संरक्षण विधेयक, 2025 से भारतीय विमान पट्टा उद्योग को मजबूती मिलेगी। देश का बैंक परिवेश सुदृढ़ होगा। इसका कारण इससे पट्टे के नियमों में विसंगतियां दूर होंगी।
नायडू ने राज्यसभा में वायुयान संपत्तियों में हित संरक्षण विधेयक, 2025 विधेयक पारित होने के तुरंत बाद यह भी कहा कि विमान पट्टा उद्योग को बढ़ावा देना और मजबूती प्रदान करना समय की मांग है। प्रस्तावित कानून का मकसद केप टाउन समझौते के लिए कानूनी समर्थन प्रदान करना है जो मुख्य रूप से विमानों के पट्टे से संबंधित है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि लंबे समय से पट्टे के नियमों में विसंगतियों ने भारत में विमानों को पट्टे पर देना मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा, यह विधेयक भारतीय पट्टा उद्योग को बढ़ावा देगा, घरेलू पट्टेदारों को प्रोत्साहित करेगा और हमारे बैंकिंग परिवेश को मजबूत करेगा। कुल मिलाकर यह एक अधिक सुलभ और आरामदायक विमानन परिदृश्य सुनिश्चित करेगा। पट्टा उद्योग को बढ़ावा देना समय की मांग है।
भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजारों में से एक है और घरेलू विमानन कंपनियों ने 1,200 से अधिक विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं। केप टाउन समझौते के तहत, पट्टेदार एयरलाइन कंपनियों को पट्टे पर दिए गए विमानों को वापस ले सकते हैं।
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