वार्ता से पहले कुकी संगठनों ने रखी तीन शर्तें
दिल्ली में पांच अप्रैल को कुकी और मेइती समुदायों के बीच वार्ता होगी। इससे पहले कुकी नेतृत्व ने तीन पूर्व शर्तें रखी हैं, जिसमें मेइती और कुकी समुदायों की आवाजाही पर रोक लगाने, शत्रुता बंद करने और...

- दिल्ली में पांच अप्रैल को होनी है वार्ता इंफाल, एजेंसी। गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली में कुकी जो और मेइती समूहों के बीच पांच अप्रैल को होने वाली वार्ता से पहले मणिपुर के कांगपोकपी जिला स्थित कुकी नेतृत्व ने तीन पूर्व शर्तें रखी हैं।
इन शर्तों में मेइती समुदाय की बहुलता वाले क्षेत्रों में कुकी समुदाय के लोगों और कुकी समुदाय की बहुलता वाले क्षेत्रों में मेहती समुदाय के लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित करना शामिल है।
कुकी जो काउंसिल (केजेडसी) के अध्यक्ष हेनलियानथांग थांगलेट ने कहा कि कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) द्वारा कांगपोकपी में आयोजित परामर्श बैठक के दौरान तीन शर्तें तय की गईं। तीन पूर्व शर्तों में कुकी-जो समुदाय की बहुलता वाले क्षेत्रों में मेइती समुदाय के लोगों और मेइती समुदाय की बहुलता वाले क्षेत्रों में कुकी-जो समुदाय के लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाए, बातचीत की सुविधा के लिए कम से कम छह महीने की अवधि के लिए एक दूसरे के प्रति शत्रुता बंद की जाए और संघर्ष विराम अवधि के दौरान एक सार्थक औपचारिक वार्ता प्रक्रिया शुरू की जाए।
मई 2023 से इंफाल घाटी स्थित बहुसंख्यक मेइती और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी-जो जनजातियों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
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