दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष बनाए गए मोहन सिंह बिष्ट, मुस्तफाबाद से हैं बीजेपी के विधायक
भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट गुरुवार को दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष चुने गए। वह मुस्तफाबाद सीट से विधायक चुने गए हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया, जिसका कैबिनेट मंत्री मनजिन्दर सिंह सिरसा ने समर्थन किया।
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भाजपा विधायक मोहन सिंह बिष्ट गुरुवार को दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष चुने गए। वह मुस्तफाबाद सीट से विधायक चुने गए हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मोहन सिंह बिष्ट को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव पेश किया, जिसका कैबिनेट मंत्री मनजिन्दर सिंह सिरसा ने समर्थन किया।
विधान सभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बिष्ट को उपाध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव सदन के समक्ष रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। अध्यक्ष ने बिष्ट को उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया
उल्लेखनीय है कि मोहन सिंह बिष्ट छठी बार विधायक चुने गए हैं। उन्होंने इस बार मुस्तफाबाद से आम आदमी पार्टी के अदील अहमद खान को 17578 वोटों से हराया। बिष्ट को 85218 वोट मिले। ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलेमिन (एआईएमआईएम) के मोहम्मद ताहिर हुसैन 33474 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
मोहन सिंह बिष्ट की गिनती दिल्ली भाजपा के कद्दावर नेताओं में की जाती है। वह करावल नगर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके हैं। इस बार पार्टी ने उनका सीट बदलकर उन्हें मुस्तफाबाद से टिकट दिया था। मुस्लिम बहुल सीट होने के बावजूद इस बार भी वह चुनाव जीतने में सफल रहे।
बिष्ट 1998 , 2003 , 2008 , 2013, 2020 और 2025 में लगातार चुने गए। वह 2015 के विधानसभा चुनाव में कपिल मिश्रा से सिर्फ एक बार चुनाव हारे हैं। पहली बार वे 1998 में दिल्ली की दूसरी विधानसभा के लिए चुने गए। उन्होंने कांग्रेस के जिले सिंह को हराया था। 2003 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के हसन अहमद को 15,227 वोट से हराया था। 2008 के चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवीर शैतान पाल दायमा के खिलाफ जीत हासिल की। 2013 के चुनाव में कड़ी टक्कर के बाद आम आदमी पार्टी के कपिल मिश्रा को हराया। हालांकि 2015 के चुनाव में सिर्फ एक बार आप के कपिल मिश्रा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। बिष्ट भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।