एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में 40 शोध प्रस्तुत किए
गुरुग्राम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें 40 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिसमें उत्तर-पश्चिम भारत में उद्यमिता और सतत विकास के पहलुओं पर चर्चा...

गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च, नॉर्थ वेस्ट रीजन चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें 40 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। जिनमें उत्तर-पश्चिम भारत में उद्यमिता और सतत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण किया गया। सम्मेलन में देशभर से 90 से अधिक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ केआर. मंगलम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजवीर सिंह, प्रो. अमरजीत कौर और डॉ. राजीव कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। यह सम्मेलन उत्तर-पश्चिम भारत के छोटे व्यवसाय उद्यमियों के लिए सतत विकास की प्रथा विषय पर केंद्रित था। जिसमें महिला उद्यमियों की चुनौतियां, कृषि-व्यवसाय की संभावनाएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव और भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि प्रो. राजवीर सिंह ने व्यवसाय में प्रबंधन और सतत विकास के महत्व को रेखांकित किया।
वहीं प्रो. अमरजीत कौर ने युवा शोधकर्ताओं को समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर अनुसंधान करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्रबंधन विभाग की डीन प्रो. अमरजीत कौर, डॉ. सुरभि गोयल और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की गई। सम्मेलन में शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को एक मंच प्रदान किया, जिससे सतत विकास और नवाचार को बढ़ावा मिला।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।