किस देश की जेल में बंद हैं सबसे ज्यादा भारतीय, लिस्ट में चीन का नाम भी है शामिल
- विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय मिशन और पोस्ट विदेश की जेलों में बंद नागरिकों को कानूनी समेत हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा, 'संबंधित भारतीय दूतावास की तरफ से मदद हासिल भारतीय कैदियों से कोई भी फीस नहीं ली जाती है।'

दुनिया में सबसे ज्यादा भारतीय सऊदी अरब की जेलों में बंद हैं। इस लिस्ट में चीन समेत कई और देशों का नाम भी शामिल है। विदेश मंत्रालय की तरफ से संसदीय समिति को एक रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें भारत के बाहर जेलों में बंद भारतीयों की संख्या का ब्यौरा दिया गया है। ताजा मामला टेक महिंद्रा के अधिकारी अमित गुप्ता का है। उन्हें कतर में हिरासत में लिया गया था।
किस देश में कैद हैं सबसे ज्यादा भारतीय
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने बताया है कि 86 देशों में 10 हजार 152 भारतीय जेलों में बंद हैं। ऐसे भारतीयों की सबसे ज्यादा संख्या सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में है। इन दोनों ही क्षेत्रों में भारतीय कैदियों की संख्या 2 हजार से ज्यादा है। इसके अलावा बहरीन, कुवैत और कतर में भी बड़ी संख्या में भारतीय जेल में बंद हैं।
इनके अलावा नेपाल में 1317 भारतीय जेल की सजा काट रहे हैं। जबकि, मलेशिया में इनकी संख्या 338, चीन में 173 है। चीन, कुवैत, नेपाल, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात उन 12 देशों में शामिल हैं, जहां 100 से ज्यादा भारतीय कैद हैं। इनमें से 9 देश ऐसे हैं, जो ट्रांसफर ऑफ सेंटेंस्ड पर्सन्स समझौते में शामिल है। इसके तहत दोषी पाए गए व्यक्ति को उसके मुल्क में सजा काटने के लिए भेजने की अनुमति दी जाती है।
कितने आए वापस
रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के बाद भी बीते तीन सालों में 8 कैदी भारतीय कैदियों को मुल्क वापस लाकर भारत की जेलों में रखा गया है। इनमें 3 ईरान, 3 ब्रिटेन, 2 कंबोडिया और 2 रूस से हैं। मंत्रालय का कहना है कि विदेश की जेलों से भारतीय नागरिकों की रिहाई या प्रत्यर्पण पर नियमित रूप से भारतीय मिशन काम कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि भारतीय मिशन और पोस्ट विदेश की जेलों में बंद नागरिकों को कानूनी समेत हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा, 'संबंधित भारतीय दूतावास की तरफ से मदद हासिल भारतीय कैदियों से कोई भी फीस नहीं ली जाती है।' विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि TSP समझौते के तहत कैदी, मेजबान देश और ट्रांसफर करने वाले देश की सहमति जरूरी है।