आपके वो दिन लद गए, जब वीटो लगाते थे, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को रविशंकर प्रसाद ने खूब सुनाया
- रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि आपके इफ्तार में नहीं जाएंगे। आपको बुलाएंगे भी नहीं। मैं उनसे कहूंगा कि आपके वे दिन लद गए, जब वीटो लगाते थे।

लोकसभा में सरकार ने बुधवार को वक्फ संशोधन विधयेक, 2025 पेश किया। बीजेपी की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जोरदार तरीके से बिल का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ के पास आठ लाख संपत्ति है, जिसमें कब्रिस्तान, मस्जिद शामिल हैं। आखिर वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर कितने स्कूल, अस्पताल बने, कितने स्किल सेंटर, अनाथालय खुले? कितने बेटियों, बहनों, विधवा को सिलाई-कढ़ाई सिखाई गई? रविशंकर ने पिछले दिनों नीतीश कुमार के इफ्तार पार्टी से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बहिष्कार का भी मुद्दा उठाते हुए दो टूक कहा कि आपके वो दिन लद गए, जब वीटो लगाते थे।
बिल पर चर्चा के दौरान रविशंकर प्रसाद ने कहा, ''विपक्ष की परेशानी की वजह है। वे दिल से कहते हैं कि संशोधन हो, लेकिन राजनीतिक मजबूरी इनके कदम पीछे खींचती है। बहुत सालों से राग-सुर-भाषा वही है। मैं एक उदाहरण देता हूं, शाह बानो के केस में जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि उनको कुछ रुपये मिले तो फैसले पर हो-हल्ला किया गया। उस समय राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, बहुत हंगामा खड़ा किया।'' ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ के बारे में कहते हुए प्रसाद ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक की सुनवाई चल रही थी, तब उसने कहा कि आप फैसला मत करिए। हम एक निकाहनामा बनाएंगे कि निकाह करते हुए तीन तलाक नहीं दोगी, यह शर्त रखेंगे। कानून जब बना तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसका देशभर में विरोध किया।
'वक्फ की संपत्ति की लूट हो और हम खामोश रहें?'
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मुस्लिम जमात के आदर्श कौन होंगे? क्या वोटों की दलाली करने वाले लोग होंगे? अगर यह है तो देश को स्वीकार नहीं होगा। मुस्लिम समाज के आदर्श एपीजे कलाम, अब्दुल हमीद जैसे लोग होंगे। यह देश बदल रहा है, कांग्रेस कहां थी, कहां चली आई, यह देख ही रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष को कहना चाहता हूं कि कुछ तो दिल में झाकिएं। वक्फ की संपत्ति की लूट हो और हम खामोश रहें? इसको सख्त करना बहुत जरूरी है। हाई कोर्ट के पास कोई भी सीधी ताकत नहीं है। कानून में कोर्ट जाना मना था। अब कोर्ट में भी जाया जा सकता है। आज क्रिश्चियन समाज क्यों दुखी है और चाहता है कि वक्फ में बदलाव हो। विपक्ष से सवाल पूछा कि इसका विरोध करते हैं तो क्यों कर रहे हैं? कोई जवाब नहीं दे रहा। क्या आप चाहते हैं कि वक्फ की प्रॉपर्टी लूटने के लिए रहे या फिर गरीबों, बेटियों के काम आए।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को खूब सुनाया
रविशंकर प्रसाद ने चर्चा के दौरान नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बॉयकॉट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा था कि आपके इफ्तार में नहीं जाएंगे। आपको बुलाएंगे भी नहीं। मैं उनसे कहूंगा कि आपके वे दिन लद गए, जब वीटो लगाते थे। यह पीएम मोदी की सरकार है, जो विकास के लिए हर काम करेगी। मोदी सरकार ने गैस दिया तो क्या हिंदू-मुस्लिमों में फर्क किया? शौचालय बना या फिर सड़क बनी तो उसमें हिंदू-मुस्लिम हुआ? वोट दो या न दो, हम जब सत्ता में है तो पूरे देश को एक ही नजर से देखेंगे। बता दें कि पिछले दिनों नीतीश कुमार के इफ्तार दावत से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड समेत अन्य मुस्लिम संगठनों ने बहिष्कार करने का फैसला किया था। सीएम नीतीश को भेजे एक लेटर में कहा था कि अगर वक्फ संधोधन विधेयक यदि कानून बनता है तो आपकी पार्टी जेडीयू और आप की जिम्मेदारी होगी। इसी का विरोध करने के लिए इफ्तार पार्टी में शामिल होने से मना किया गया है।