वोटिंग से पहले कैंडिडेट का निधन हो जाए तो क्या होता है? चुनाव रद्द होगा या दूसरे को मौका
राजस्थान में चुनाव आयोग कार्यालय के अधिकारी ने बुधवार को बताया कि उम्मीदवार के निधन के कारण करणपुर सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से मतदान की नई तारीख जारी की जाएगी।

राजस्थान के गंगानगर जिले के करणपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार गुरमीत सिंह कुन्नर का बुधवार को निधन हो गया। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIMS) में उन्होंने आखिरी सांस ली। सूत्रों के अनुसार, 75 वर्षीय कुन्नर को एम्स के जेरिएट्रिक मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया था। कुन्नर का निधन सेप्टिक शॉक और गुर्दे की बीमारी के कारण हुआ। वह हाई ब्लड प्रेशर से भी पीड़ित थे और उन्हें 12 नवंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुन्नर राजस्थान की करणपुर सीट से कांग्रेस के विधायक थे। पार्टी ने इस विधानसभा चुनाव में भी उन्हें उम्मीदवार बनाया था। राज्य में 25 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
सवाल है कि अगर चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद अगर किसी प्रत्याशी की निधन हो जाता है तो क्या होता है? क्या उस सीट पर इलेक्शन पूरा कराया जाता है या फिर टाल देते हैं? निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने इसे लेकर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 52 का हवाला देते हुए अधिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर किसी मान्यता प्राप्त राज्य या राष्ट्रीय पार्टी की ओर से मैदान में उतारे गए उम्मीदवार की मतदान से पहले मृत्यु हो जाती है तो निर्वाचन अधिकारी उस सीट पर मतदान स्थगित कर देता है और नई तारीख की घोषणा बाद में की जाती है।
क्या कहता है जन प्रतिनिधित्व अधिनियम?
अधिनियम की धारा 52 (2) के अनुसार ऐसे में निर्वाचन आयोग मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (जिसके उम्मीदवार की मृत्यु हो गई है) से दूसरे उम्मीदवार को नामांकित करने के लिए कहता है। राजस्थान में चुनाव आयोग कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवार के निधन के कारण करणपुर सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से मतदान की नई तारीख जारी की जाएगी। इस तरह, कुन्नर के निधन के कारण राजस्थान की करणपुर सीट पर 25 नवंबर को वोट नहीं डाला जाएगा। ऐसे में राजस्थान की बाकी 199 सीटों पर 25 नवंबर को मतदान होगा जिसके नतीजे 3 दिसंबर को आने हैं।
जब मौत के बाद चुनाव जीतीं YSR की उम्मीदवार
राजस्थान में 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसा ही कुछ हुआ था। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। वह अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे जिसे स्थगित कर दिया गया। वहीं, एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के उम्मीदवार की चुनाव प्रचार के दौरान सड़क हादसे में मौत हो गई। 2014 में कुरनूल जिले की अल्लागड्डा सीट से भूमा शोभा नागी रेड्डी कैंडिडेट थीं। उनकी मौत के बाद इलेक्शन टाला नहीं गया और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तेलुगु देशम पार्टी के जी प्रभाकर रेड्डी को करीब 18,000 वोटों से हरा दिया। मगर, बाद में चुनाव आयोग ने इस विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा की। ईसी ने इस सीट पर चुनाव इसलिए रद्द नहीं किया क्योंकि YSR कांग्रेस मान्यता प्राप्त पार्टी नहीं थी।
(एजेंसी इनपुट के साथ)