DU के दो दोस्तों में क्यों छिड़ी गैंगवॉर और मारे गए 20 लोग; टिल्लू ताजपुरिया की मौत से होगा गेमओवर?
टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र मान गोगी कभी अच्छे दोस्त हुआ करते थे, लेकिन कॉलेज राजनीति के चलते दुश्मन बन गए। फिर बात गैंगवॉर तक आ पहुंची थी और अब तक 20 से ज्यादा लोग इसमें मारे जा चुके हैं।

दिल्ली के नामी गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई है। उस पर विरोधी गैंग के लोगों ने हमला कर दिया था, जिसके बाद उसे मंगलवार सुबह दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। रोहिणी कोर्ट में घुसकर शूटआउट जैसी वारदात को अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी टिल्लू ताजपुरिया के नाम की दिल्ली और आसपास के इलाकों में कभी दहशत रहा करती थी। टिल्लू का असली नाम सुनील मान था, जिसे जेल में बंद दुश्मन कैदियों ने लोहे की रॉड से हमला कर मार डाला। इस हमले में 4 कैदियों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
ग्रिल काटी और बेडशीट लटका उतरे, गोगी गैंग ने फिल्मी अंदाज में ली टिल्लू की जान
टिल्लू पर हमला करने वालों की पहचान दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेश और रियाज खान के तौर पर हुई है। इन सभी को पहली मंजिल पर एक ही वार्ड में रखा गया था। माना जा रहा है कि टिल्लू ताजपुरिया की हत्या जितेंद्र मान गोगी के गुर्गों ने की है, जिसकी टिल्लू ने रोहिणी कोर्ट शूटआउट में हत्या कर दी थी। हालांकि दोनों बदमाशों की कहानी दोस्ती से शुरू होती है, जब वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में पढ़ा करते थे। बात 2009-10 की है, जब कॉलेज प्रेसिडेंट के चुनाव में दोनों ने अलग-अलग कैंडिडेट्स का समर्थन किया। यहीं से दोनों की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती दुश्मनी में बदल गई थी।
2013 में परवान चढ़ी दुश्मनी, अब तक मरे 20 लोग
दोनों के बीच दुश्मनी 2013 में परवान चढ़ी और गैंगवॉर में एक कत्ल हो गया था। उसके बाद से ही दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे थे, जिस कहानी का आज टिल्लू ताजपुरिया के कत्ल के साथ ही अंत हो गया। दोनों की गैंगवॉर में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले 24 सितंबर, 2021 में रोहिणी कोर्ट में शूटआउट हुई था, जिसमें जितेंद्र मान उर्फ गोगी मारा गया था। इस तरह दोनों दुश्मन अब मर चुके हैं। अब देखना होगा कि यह गैंगवॉर थमती है या नहीं। टिल्लू ताजपुरिया उर्फ सुनील मान का दिल्ली के अलीपुर के पास स्थित ताजपुर गांव का रहने वाला था।
सुनील मान का नाम टिल्लू ताजपुरिया कैसे पड़ गया?
इसी के चलते उसने अपने नाम के आगे ताजपुरिया जोड़ लिया था, जबकि उसके दोस्त उसे टिल्लू कहा करते थे। इस तरह उसका कुख्यात नाम टिल्लू ताजपुरिया हो गया था। उसे 2016 में पुलिस ने अलग-अलग अपराधों में अरेस्ट किया था और तभी से वह जेल में बंद था। यही नहीं जेल में बंद रहने के दौरान ही उसने सितंबर 2021 में जितेंद्र मान की रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान हत्या करा दी थी। गोगी पर टिल्लू गैंग के बदमाशों ने हमला कर दिया था, जो वकील के भेष में आए थे। टिल्लू पर हत्या, लूट और फिरौती के कुल 19 मामले दर्ज थे।