'जैसे दाऊद और NCP' अतीक की हत्या पर जेठमलानी ने मायावती को घेरा, उठाए ये सवाल
शहूर दिवंगत अधिवक्ता राम जेठमलानी के बेटे महेश ने लिखा, 'अतीक अहमद जैसे माफिया डॉन आपराधिक गतिविधियों के बाद भी इसलिए फलते-फूलते हैं, क्योंकि वे राजनीतिक दलों को पैसा और बाहुबल देते हैं...।'

माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अब वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद महेश जेठमलानी ने अतीक का नाम लेकर राजनीतिक दलों पर सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने 'अतीक जैसे' अपराधियों को सियासी संरक्षण देने का दावा कर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को घेरा है। इस दौरान उन्होंने मुंबई में 'दाऊद इब्राहिम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी' की सांठगांठ का भी जिक्र कर दिया।
मशहूर दिवंगत अधिवक्ता राम जेठमलानी के बेटे महेश ने लिखा, 'अतीक अहमद जैसे माफिया डॉन आपराधिक गतिविधियों के बाद भी इसलिए फलते-फूलते हैं, क्योंकि वे राजनीतिक दलों को पैसा और बाहुबल देते हैं। इसके बदलें में उन्होंने सुरक्षा और संरक्षण मिलता है।' उन्होंने लिखा, 'अतीक 2004 से 2018 तक समाजवादी पार्टी का सदस्य था। वह 2008 में गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर छूट गया, तब मायावती सीएम थीं। जब सपा सत्ता में आई तो उसकी आपराधिक गतिविधियां चरम पर थीं।'
उन्होंने लिखा, 'तथाकथित सेक्युलर पार्टियां इन माफिया डॉन को पोषित करती हैं और उनका इस्तेमाल करती हैं।' उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में दाऊद और एनसीपी के बीच सांठगांठ सभी को पता है। इस दौरान उन्होंने भाजपा-शिवसेना सरकार की तारीफ की और कहा कि साल 2015 में सरकार ने दाऊद के साम्राज्य को खत्म कर दिया था। उन्होंने अतीक की गिरफ्तारी को लेकर भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार को सराहा है।
कैसे हुआ माफिया ब्रदर्स का अंत?
शनिवार रात मेडिकल चेकअप के लिए पहुंचे अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने सनी सिंह, अरुण मौर्य और लवलेश तिवारी को धर दबोचा था। तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इधर, अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन और साथी गुड्डू मुस्लिम की तलाश जारी है।