बच्चों ने बगीचे से तोड़ लिए फूल, गुस्साए शख्स ने टीचर की काट दी नाक; गिरफ्तार
Karnataka News: आरोपी कल्याणी मोरे ने शिक्षिका सुगंधा मोरे के साथ झगड़ा किया और उनकी नाक काट दी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण सुगंधा को बेलगावी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कर्नाटक की पुलिस ने बुधवार को कहा कि बेलगावी जिले में एक व्यक्ति ने स्कूल के बच्चों द्वारा उसके बगीचे से फूल तोड़ने के बाद गुस्से में आकर एक आंगनवाड़ी शिक्षिका की नाक काट दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार को बेलगावी जिले के बासुरते गांव में हुई। आरोपी कल्याणी मोरे ने शिक्षिका सुगंधा मोरे के साथ झगड़ा किया और उनकी नाक काट दी। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण सुगंधा को बेलगावी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पिछले 20 वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केंद्र आरोपी के स्वामित्व वाले किराए के ब्लॉक में स्थित है। स्कूल में ब्रेक के दौरान बच्चे कल्याणी मोरे के बगीचे में गए और कुछ फूल इकट्ठा किए। जवाब में आरोपियों ने दरांती से लैस होकर उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद उसने शिक्षक पर हमला कर दिया।
पुलिस आयुक्त सिद्धारमप्पा ने कहा, "बगीचे में बच्चों को छोड़ने के लापरवाह कृत्य के लिए शिक्षिका पर चिल्लाने के बाद उसने गुस्से में दरांती लहराई और उसकी नाक काट दी।" उन्होंने बताया कि घटना के बाद आरोपी फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया।" काकाती पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जिस अस्पताल में शिक्षिका भर्ती है उसके एक अधिकारी ने कहा, “महिला को सांस की समस्या थी क्योंकि नाक की कुछ नसें कट गई थीं। अब वह खतरे से बाहर है।”
महिला का इलाज कर रहे सर्जनों ने सुझाव दिया कि यदि उसकी कटी हुई नाक का टुकड़ा उनके पास लाया जाए तो उसे फिर से बनाया जा सकता है। हालांकि, महिला के रिश्तेदारों और पड़ोसियों, जिन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, उन्होंने कहा कि वे घटना स्थल पर लापता टुकड़े का पता नहीं लगा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के निर्वाचन क्षेत्र में यह घटना घटी है। उन्होंने हमले की निंदा की और पीड़ित परिवार को सहायता का आश्वासन दिया हौ। उन्होंने उनकी नौकरी को नियमित करने का भी वादा किया है। मंत्री ने कहा, “मुझे क्रूर घटना पर खेद है और जघन्य हमले की निंदा करती हूं। यह पूरे महिला समुदाय का एक और अपमान है। पीड़िता को विभाग की ओर से हरसंभव मदद मुहैया करायी जायेगी।''
घटना के विरोध में सैकड़ों आंगनवाड़ी शिक्षकों और सहायिकाओं ने बुधवार को काम का बहिष्कार किया और तालुक मुख्यालय में रैलियां निकालीं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और उनके लिए सुरक्षा की मांग की।