चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी पर बवाल जारी, दो दर्जन विधायक नजरबंद; आंदोलन पर रोक
पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सीआईडी ने शनिवार को करोड़ों रुपए के स्किल डेवलपमेंट केस में गिरफ्तार किया था। यह मामला 2014-19 के दौरान का है, जब वो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

चुनाव से कुछ महीने पहले आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के बाद सियासी पारा गरम हो गया है। गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को प्रदेश व्यापी बंद बुलाया गया था। पुलिस और प्रशासन के पहरे के बावजूद प्रदेश में बवाल जारी रहा। कई जगहों से आगजनी और वाहनों में तोड़फोड़ की तस्वीरें सामने आई हैं। इससे पहले तेलुगू देशम पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने करोड़ों रुपए के कथित भ्रष्टाचार घोटाले में पार्टी प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी की सोमवार को निंदा की। पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को सीआईडी ने शनिवार को करोड़ों रुपए के स्किल डेवलपमेंट केस में गिरफ्तार किया था। यह मामला 2014-19 के दौरान का है, जब नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। एसीबी कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
घरों से नहीं निकल सके नेता
उधर, बड़ी संख्या में प्रदेश और जिला स्तर के टीडीपी नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर रखा है। इसके चलते पार्टी बड़े पैमाने पर बंद को सफल नहीं बना सकी। सभी 21 टीडीपी विधायकों को भी उनके घरों में नजरबंद रखा गया ताकि वह अपने घरों से निकल नहीं सके। गौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू और वर्तमान मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी के बीच विभिन्न मुद्दों पर टकराव होता रहा है। नायडू की गिरफ्तारी के विरोध में टीडीपी ने सोमवार को बंद का आह्वान किया था। टीडीपी के प्रदेश अध्यक्ष के किंजरापु अत्चन नायडू ने चंद्रबाबू की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए प्रदेश के कार्यकर्ताओं से बंद के लिए कहा था। उन्होंने इस गिरफ्तारी को गैरकानूनी और राजनीति से प्रेरित बताया था और कहा था कि जो लोग भी लोकतंत्र का समर्थन करते हैं, वह अपने घर से बाहर नहीं निकलेंगे और बंद को सफल बनाएंगे।
रैलियों जुलूसों पर प्रतिबंध
शहरों में पुलिस आयुक्तों और जिलों में अधीक्षकों ने रैलियों और जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रदर्शनों को रोकने के लिए राज्य भर में बड़े पैमाने पर पुलिस तैनात की गई थी। उधर सबसे बड़ा विरोध नायडू के गृह क्षेत्र कुप्पम से सामने आया। यह वही निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से चंद्रबाबू नायडू 1989 से लगातार चुने जा रहे हैं। टीडीपी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बंद का आह्वान करते हुए सड़कों को बंद कर दिया और टायरों में आग लगा दी। लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। टीडीपी कार्यकर्ताओं द्वारा बसों को जाने से रोकने की कोशिश के दौरान राज्य परिवहन की विभिन्न बसों के बाहर प्रदर्शन हुए। पुलिस ने विशाखापत्तनम, विजयनगरम, तिरुपति, अनंतपुर, गुंटूर और अन्य स्थानों से गिरफ्तारियां कीं। विभिन्न स्थानों पर गिरफ्तार किए गए लोगों में टीडीपी की कई महिला सदस्य भी शामिल हैं।
जगन सरकार का कदम
उधर जगनमोहन सरकार नायडू के खिलाफ पूरी तरह से कमर कस ली है। जगन सरकार के छह मंत्री और दो पूर्व मंत्री नायडू के खिलाफ केसेज पर एक के बाद एक प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। इन मंत्रियों में अंबाती रामबाबू (जल संसाधन), आर के रोजा (पर्यटन, संस्कृति और युवा विकास), सीदिरी अप्पला राजू (पशुपालन, डेयरी विकास और मत्स्य पालन), के गोवर्धन रेड्डी (कृषि और सहकारिता, विपणन, खाद्य प्रसंस्करण), पेड्डीरेड्डी रामचंद्र रेड्डी (ऊर्जा, वन, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खान और भूविज्ञान) और बोत्सा सत्यनारायण (शिक्षा) ने इस संबंध में दिन भर मीडिया कॉन्फ्रेंस की।