रांची की सड़कों की खराब हालत पर सरकार दाखिल नहीं कर रही जवाब : हाईकोर्ट
रांची हाईकोर्ट ने सरकार को शहर की सड़कों और संपर्क पथों की मरम्मत के मामले में जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है। कोर्ट ने एक सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है, अन्यथा पथ निर्माण विभाग के...

रांची, विशेष संवाददाता। रांची शहर के अंदर और संपर्क पथों की मरम्मत नहीं होने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है। चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने बुधवार को सरकार को एक सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि यदि जवाब दाखिल नहीं किया गया, तो पथ निर्माण विभाग के सचिव को अदालत में सशरीर हाजिर होकर यह बताना होगा कि बार-बार समय लिए जाने के बाद भी जवाब दाखिल क्यों नहीं किया जा रहा। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से समय लिए जाने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जतायी। अदालत ने कहा कि आखिर किन कारणों से हर बार जवाब दाखिल करने के लिए सरकार बार-बार समय ले रही है और जवाब दाखिल नहीं कर रही। इस संबंध में शुभम कटारूका ने याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी ने अदालत को बताया कि राजधानी रांची की वीआईपी सड़क को छोड़कर सभी सड़कों की हालत खराब है। खासकर बड़ा तालाब के चारों ओर से जाने वाली सड़क में काफी बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके कारण एंबुलेंस में मरीज को आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। बूटी मोड़ से कोकर चौक तक जाने वाली सड़क सहित अन्य कई सड़कों की तस्वीर भी प्रार्थी ने कोर्ट को उपलब्ध कराई है। याचिका में कहा गया है कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। कुछ दिनों बाद सड़क फिर खराब हो जाती है। इस मामले में सरकार की ओर से तीन बार जवाब दाखिल करने के लिए समय लिया गया, लेकिन अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
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